Ajab-gajab : प्यार हो तो ऐसा… प्रेमी से दूर रखने घरवालों ने प्रेमिका को बनाया बंधक, तो युवक ने लगाई हाई कोर्ट में गुहार, मिली जीत लेकिन…

Ajab-gajab : आपने प्रेम कहानी तो बहुत सुनी होगी लेकिन इस तरह की प्रेम कहानी नहीं सुनी होगी। मामला झारखंड के गुलाम का है। जहां प्रेमी से दूर रहने के लिए प्रेमिका को बंधक बनाकर रखा गया था। युवती को मुक्त कराने के लिए प्रेमी हाईकोर्ट और सुप्रीमकार्ट का सहारा लिया। इसी विषय में मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट ने मान्यता दी और उन्हे विवाह कर साथ रहने की अनुमति दे दी है। साथ ही विवाह के बाद संभावित खतरे को देखते हुए कोर्ट ने प्रेमी जोड़े को सुरक्षा प्रदान की है।

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झारखंड के गुलाम निवासी प्रताप एक्का ने हाईकोर्ट में हैवियस कार्पस दायर किया था। एक्का ने याचिका में बताया कि वह शिकायत लेकर संबंधित थाने की पुलिस के पास भी गए थे, लेकिन वहां उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। वही याचिका मेें उठाए सवालों को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट के जज अपरेश कुमार सिंह और दीपक रोशन ने बंद कमरे में सुनवाई की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनने के बाद अपना फैसला सुना दिया है. जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट ने प्रताप एक्का की याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद युवक ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल किया। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट को मामले पर पुर्नविचार के निर्देश दिए थे। इसके बाद मामला दुबारा हाईकोर्ट पहुंचा।

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बता दें कि युवती के पिता को शादी से आपत्ति थी। कोर्ट में युवती के पिता ने बताया कि उन्हे यह शादी मंजूर नहीं है साथ ही युवती के घरवाले शादी के पक्ष में नहीं है। वही प्रेमी ने अदालत में अपने बालिग होने की बात रखी और युवती को अपने साथ रखने की बात कही। उधर प्रेमिका ने बताया कि वह अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है। इस दौरान कोर्ट ने मान्यता दे दिया कि दोनोें बालिग हैं और साथ रहना चाहते हैं तो इन्हें कोई भी अलग नहीं कर सकता। अनुमति मिलने के बाद एक्का ने अदालत के सामने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. इस आशंका पर अदालत ने तत्काल संबंधित थाने की पुलिस को इन्हें पूरी सुरक्षा देने का आदेश दिया.

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