कहानी खूनी खेल का : मर्डर से पहले Google पर सर्च किया स्वर्ग जाऊंगा या नर्क, पत्नी को कितनी मिलेगी विधवा पेंशन? फिर मां बाप दो बेटे को उतार दिया मौत के घाट, और …

 

कहानी खूनी खेल का

जोधपुर : राजस्थान के जोधपुर में रहने वाला किसान शंकरलाल ने अपने पूरे परिवार को मौत की नींद सुला कर खुद आत्महत्या कर ली यह घटना 3 नवंबर की है जब उसने अपने मां-बाप दो बेटों का मर्डर करने के बाद खुदकुशी कर ली शंकरलाल ने इससे प्लानिंग दो-तीन महीने पहले से ही शुरू कर दी थी जिसके लिए वह गूगल पर क्राइम सीरीज देखें टीवी पर लगातार क्राइम पेट्रोल और सावधान इंडिया भी देखना शुरू कर दिया यहां तक कि उसने गूगल पर सर्च किया कि मर्डर करने के बाद वह स्वर्ग जाएगा या नर्क.

बता दे ये पूरी घटना जोधपुर के हैं जहां एक किसान शंकरलाल को अफीम के नशे की लत लग गई थी जिसके चलते आए दिन पत्नी से अनबन भी होती थी वह बार-बार बीच बचाव करती थी और उसने या फिर क्या कहा था कि अब वो अलग रहना चाहती हैं अफीम के नशे के चलते उसने सितंबर से ही हत्या की प्लानिंग शुरू कर दी थी जिसके बाद उसने 3 नवंबर गुरुवार को अपने मां-बाप दो बेटों को मौत के घाट उतार कर खुद पानी की टंकी पर खुद के जान दे दिया.

 

 

 

मर्डर से पहले शंकरलाल ने गूगल पर सर्च किया था कि नींद की गोली कैसे देनी है और जहर कब देना है नींद की सबसे अच्छी टेबलेट कौन से हैं यह सारी जानकारी उसने इंटरनेट के माध्यम से जुटाई

इतना सब कुछ करने के बाद शंकर ने 14 सितंबर से क्राइम सीरीज देखना शुरू कर दिया फिर उसने टीवी सीरियल पर प्रसारित होने वाले शो क्राइम पेट्रोल और सावधान इंडिया के कुछ सीरीज देखें जैसे जैसे दिन आगे बढ़ रहे थे वह क्राइम सीरीज देख देखकर प्लान बनाते जा रहा था वह दिन के शुरू होते ही अपने खेत में जाकर यह क्राइम सीरीज देखता और उसी से मर्डर करने के आईडिया लेता

पत्नी को नहीं मारना चाहता था शंकरलाल

अफीम के नशे के कारण शंकरलाल और उसकी पत्नी पर के बीच कई दिनों से अनबन चल रहे थे लेकिन फिर भी वह अपनी पत्नी की हत्या नहीं करना चाहता था उसे उसने यह भी प्लानिंग कर ली थी कि घर के बाकी सदस्य को मारने के बाद वह खुद भी मर जाएगा लेकिन उसके बाद उसकी पत्नी कैसे गुजारा करेगी इसके लिए उसने गूगल पर विधवाओं के लिए चलने वाली योजनाओं की जानकारी जुटाने लगा यहां तक कि उसके मरने के बाद सरकार विधवाओं को क्या आर्थिक सहायता देती है कितना विधवा पेंशन मिलता है इसकी भी जानकारी इंटरनेट के माध्यम से जुटाने लगा.

 

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मर्डर मर्डर से पहले ही देने लगा था नींद की गोलियां

आरोपी और मृतक शंकर लाल यादव मर्डर के 2 दिन पहले से ही घर वालों को नींद की गोलियां देने लगा था शंकरलाल ने घरवालों से कहा था कि खेत में काम करके सब बहुत थक जाते हैं यह गोलियां खाने से उनकी ताकत बढ़ेगी बताया जा रहा है कि शंकरलाल ने घर में बने टैंक में भी जहर मिला दिया था ताकि वह खुद भी बच ना पाए.

3 नवंबर को खेला खूनी खेल

इतना सब कुछ प्लानिंग करने के बाद फिर आता है 3 नवंबर का वह खूनी दिन जिस दिन शंकरलाल ने पहले शाम को अपने पिता सोनाराम 65 वर्षीय पर कुल्हाड़ी से हमला करके घायल कर दिया और भाग गया सोनाराम को घायल देखकर कुछ लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया जिसके बाद जहां देर रात उनकी मौत हो गई.

शंकरलाल ने बाकी सदस्य के खाने में नींद की गोलियां मिला दी थी सभी बेहोश हो गए थे सबसे पहले उसने अपनी मां चंपा 55 वर्षीय को घर में बने पानी की टंकी में फेंक दिया उसका बेटा जो महज 14 वर्ष का था वह सो रहा था उसे भी उठा कर पानी की टंकी में फेंक दिया शंकर का सबसे छोटा बेटा दिनेश जिसकी उम्र सिर्फ 8 वर्ष थी अपनी मां के पास सो रहा था सुबह करीब 5:00 बजे उसे भी टंकी में फेंक दिया और खुद टेंशन हो गया जिसके बाद उसकी भी मौत हो गई.

 

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