CG News : CM भूपेश बघेल ने रमन सिंह के बयानों पर किया पलटवार, कहा – मुसवा और कुकुर कहते हैं, दूसरी तरफ वे बलात्कारियों के साथ खड़े हैं

 

रायपुर। CG News : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भानुप्रतापपुर चुनाव में भाजपा उम्मीदवार पर लगे आरोपों के बहाने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर बड़ा हमला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा, रमन सिंह उन्हें मुसवा (चूहा) कहते हैं। दूसरी तरफ वे बलात्कारियों के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री भेंट-मुलाकात के लिए राजनांदगांव रवाना होने से पहले रायपुर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। राजनांदगांव पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का विधानसभा क्षेत्र है।

CG News : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, भाजपा के प्रत्याशी ब्रह्मानंद नेताम पर नाबालिग बच्ची से रेप का आरोप है। भाजपा इसे कांग्रेस का षड़यंत्र बता रही है। दूसरी तरफ यह भी कह रही है कि पीड़िता की पहचान उजागर कर दी। उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। यह दोनों बात विरोधाभासी है।

CG News : इसका मतलब यह है कि आपने स्वीकार कर लिया कि ब्रह्मानंद नेताम नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, एक तरफ तो रमन सिंह मुझे मुसवा (चूहा) कहते हैं। कभी बिलई (बिल्ली) कहते हैं, कभी कुकुर (कुत्ता) कहते हैं। दूसरी तरफ वे बलात्कारियों के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

CG News : पिछले सप्ताह चारामा की एक सभा में बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने “पुन: मूषको भव:’ वाली कहानी सुनाई थी। डॉ. रमन सिंह ने कहा, एक चूहे ने साधु से बार-बार प्रार्थना की। साधु ने जल छिड़ककर उसे शेर बना दिया। शेर बनकर वह साधु को ही खाने दौड़ा। नाराज साधु ने जल छिड़ककर उसे शेर से फिर चूहा बना दिया।

CG News : पिछले चुनाव में जिस चूहे को आपने वोट दिया वह शेर बनकर आप पर झपट रहा है। अब आपके पास फिर मौका है वोट का गंगाजल छिड़को और उसे फिर से चूहा बना दो पूरी खबर पढ़िए। उस दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था, मैं छत्तीसगढ़िया किसान हूं। डॉ. रमन सिंह को यह बर्दाश्त नहीं हो रहा है, इसलिए वे कभी चूहा, कभी बिल्ली तो कभी कुत्ता बोल रहे हैं।

ओम माथुर के बयान पर भी दिया जवाब

भाजपा के प्रभारी ओम माथुर के छत्तीसगढ़ उनके लिए चुनौती नहीं वाले बयान पर भी मुख्यमंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ उनके लिए चुनौती नहीं रहेगी। क्योंकि चुनौती उनके अंदर है कि वे कितने दिन तक प्रभारी रहते हैं। अभी तक चार बार प्रभारी बदल चुके। पुरंदेश्वरी उससे पहले और लोग प्रभारी बनकर आ चुके हैं। उनके लिये चुनौती यह है कि वे कितने दिन टिक पाते हैं।

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