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Lifestyle

Festive Saree Wardrobe : इस फेस्टिव सीजन दिखे और भी ज्यादा खूबसूरत, अपने वार्डरॉब में शामिल करें ये मशहूर ट्रेडिशनल साड़ियां   

viplav
19 Oct 2022 2:13 PM GMT
Festive Saree Wardrobe : इस फेस्टिव सीजन दिखे और भी ज्यादा खूबसूरत, अपने वार्डरॉब में शामिल करें ये मशहूर ट्रेडिशनल साड़ियां   
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नई दिल्ली। Festive Saree Wardrobe : भारत को त्यौहारों का देश कहा जाता है. वजह है हमारी संस्कृति और इतिहास काल, जिनमें घटित गौरान्वित क्षणों को हम त्यौहार के रूप में मनाते है. देशभर में त्यौहारी सीजन में महिलाएं भिन्न-भिन्न प्रकार की साड़ियां पहनती है. ऐसे में यहां कुछ मशहूर ट्रेडिशनल साड़ियों के बारे में …

नई दिल्ली। Festive Saree Wardrobe : भारत को त्यौहारों का देश कहा जाता है. वजह है हमारी संस्कृति और इतिहास काल, जिनमें घटित गौरान्वित क्षणों को हम त्यौहार के रूप में मनाते है. देशभर में त्यौहारी सीजन में महिलाएं भिन्न-भिन्न प्रकार की साड़ियां पहनती है. ऐसे में यहां कुछ मशहूर ट्रेडिशनल साड़ियों के बारे में बताया गया है. इस फेस्टिव सीजन आप इन्हें भी ट्राई कर सकती हैं.

जामदानी साड़ी -

Festive Saree Wardrobe : इस साड़ी की जड़ ढाका और बांग्लादेश में है. इस साड़ी को हाथों से बुनकर बनाया जाता है. ये साड़ी बहुत हल्की होती है. इसे आप आसानी से कैरी कर सकती हैं. इस साड़ी को तैयार करने में काफी समय लगता है. इस पर फूलों का पैटर्न होता है.

पैठनी साड़ी -

Festive Saree Wardrobe : इस साड़ी का नाम महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के पैठन शहर के नाम पर रखा गया है. ये साड़ी रेशम और जरी से बनी होती है. इसे हाथ से बनाया जाता है. इस साड़ी पर आपको आमतौर से नाचते हुए मोर का डिजाइन मिलेगा.

संबलपुरी साड़ी -

Festive Saree Wardrobe : संबलपुरी साड़ी को ओडिशा की शान माना जाता है. देश-विदेश में संबलपुरी साड़ी काफी लोकप्रिय है. इस साड़ी को बुनने से पहले धागों को टाई डाई किया जाता है. इसके बाद अलग-अलग रंग के धागों से इस साड़ी को बनाया जाता है. इस साड़ी को बनाने के लिए सूती और रेशम के दागों का इस्तेमाल किया जाता है.

बालूचरी साड़ी -

Festive Saree Wardrobe : बालूचरी साड़ी पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बनती हैं. ये साड़ियां देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बहुत मशहूर हैं. इन साड़ियों पर कढ़ाई के जरिए महाभारत, रामायण और कई अन्य दृश्यों को उकेरा जाता हैं.

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