CG : सम्मान में भी भाजपा का घोटाला? जेपी नड्डा से सम्मान मिलना किसी को था, और मिल किसी और को गया, मच गई पार्टी में खलबली 

रायपुर। CG प्रदेश भाजपा में सम्मान घोटाले की चर्चा शुरू हो गई है। कुछ दिन पहले जेपी नड्डा रायपुर में आरएसएस की बैठक में शामिल होने और साइंस कॉलेज मैदान से संबोधन देने के साथ जोश भरने आये थे। मगर इसी बीच कुछ ऐसा हो गया है जिसकी चर्चा पार्टी के भीतर शुरू हो गई है।

दरअसल राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से सम्मान मिलना किसी को था, और मिल किसी और को गया। अब इस घटना के सामने आने के बाद से पार्टी के भीतर की तरह की बातें सामने आ रही है। मिली जानकारी के अनुसार, मामला राष्ट्रीय अध्यक्ष को अंधेरे में रखकर अपने चहेतों को उपकृत करने जैसा बताया जा रहा है। संबोधन कर जोश भरने आए जेपी नड्डा को गलत जानकारी देकर प्रोटोकॉल से हटकर एक करीबी को सम्मानित करवाने का यह मामला अब कई कार्यकर्ताओं में नाराजगी भर रहा है।

सूत्रों के अनुसार इस घोटाले का आराेप अप्रत्यक्ष रूप से जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी पर लग रहे हैं। कई सारे सोशल मीडिया ग्रुप्स में इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गए हैं। ऐसी बात हो रही है कि भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल तक यह बात जा पहुंची है। चर्चा है कि इस कांड को अंजाम देने वाले पार्टी के कुछ पदाधिकारियों पर कार्रवाई भी हो सकती है। फिलहाल कोई भी नेता इस पर आधिकारिक तौर से मामले में बचता हुआ नजर आ रहा है।

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जाने पूरा मामला

भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष जेपी नड्डा 9 सितंबर को आरएसएस की बैठक में शामिल होने और रायपुर के साइंस कॉलेज में संबोधन करने पहुंचे थे। साइंस कॉलेज ग्राउंड में कार्यकर्ताओं का सम्मेलन किया। यहां छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से आए बूथ अध्यक्षों का नड्डा ने सम्मान भी किया। विधायक सौरभ सिंह मंच संचालन कर रहे थे उन्होंने बूथ अध्यक्ष के तौर पर रायपुर के भाजपा नेता असगर अली नाम अनाउंस किया।  फिर मुस्कुराते हुए असगर अली मंच पर आए राष्ट्रीय अध्यक्ष के हाथों सम्मान हासिल किया और मुस्कुराते हुए निकल गए।

जिसके बाद से भाजपा के नेता और कार्यकर्ता यह दावा कर रहे हैं कि, असगर अली बूथ अध्यक्ष है ही नहीं। किसी और की जगह उसे सम्मानित जानबूझकर करवा दिया गया। भाजपा सूत्रों ने बताया कि पार्टी के जिला अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने जानते बूझते, असगर अली का नाम सम्मानित होने वालों की सूची में जोड़ दिया था। इसके बाद उन्हें अपने ही नेताओं का विरोध भी झेलना पड़ा। कहा जा रहा है कि, श्रीचंद सुंदरानी के करीबी अकबर अली का भाई होने की वजह से असगर अली को सम्मानित कर दिया गया। सोशल मीडिया पर असगर अली ने खुद को अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता के तौर पर प्रचारित किया है।

भाजपा और राजनीति 

राजनीती में अक्सर भाजपा कुछ ऐसे कमाल कर दिखाती है जिससे वह चर्चा का विषय बन जाती है। भाजपा पार्टी में अपने चहेतो को आगे बढ़ाने की कला हमेशा से रही है। प्रदेश में भाजपा कुछ दिनों पहले अपनी राजनीती चमकाने के लिए बड़ी तादाद में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने निकले थे। तब सभी भाजपाइयों को लगता था की वह एकजुट हो चुकें है, मगर इस सम्मान घोटाले से धुंध हट चुकी है।

 

 

 

 

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