Bharat Jodo Yatra : राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में छत्तीसगढ़ से 7 लोग होंगे शामिल, 7 सितंबर से शुरू होगी

 

नई दिल्ली। Bharat Jodo Yatra कांग्रेस लंबे समय के बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत को एकजुट करने , एक साथ लाने और राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए 7 सितंबर से Bharat Jodo Yatra‌ शुरू करने जा रही हैं। यह यात्रा तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू होकर यह यात्रा जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर तक जानी है। इस दौरान पदयात्री 12 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा ने सोमवार को रायपुर में बताया, इस 3500 किमी पदयात्रा का नेतृत्व राहुल गांधी करने वाले हैं। यह यात्रा सभी के लिए खुली है। दूसरे राजनीतिक दल, संस्थाएं और लोग भी पदयात्रा में आ सकते हैं।

रायपुर में प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से बातचीत में कुमारी शैलजा ने कहा, आज देश की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। आम लोग आसमान छूती महंगाई से परेशान हैं। किसान और खेत मजदूर कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। सामाजिक तौर पर हमें जाति, धर्म, भाषा, खान-पान, वेशभूषा के आधार पर बांटा जा रहा है। हर रोज देशवासियाें को लड़ाने के नए-नए षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, सत्ताधारी पार्टी द्वारा किया जा रहा यह सामाजिक विभाजन हमारी एकता को कमजोर कर रहा है। इससे दुश्मनों को मदद मिलती है। राजनीतिक मोर्चे पर हमारे संविधानिक अधिकार कुचले जा रहे हैं। एक योजनाबद्ध तरीके से संविधान को उलटने, संस्थाओं को ध्वस्त करने, लोकतंत्र को खोखला करने का प्रयास किया जा रहा है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा विपक्षी दलों की सरकारों को धन बल और सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर गिराया जा रहा है। इन चुनौतियों का सामना केवल एकता से ही हो सकता है। उन्होंने कहा, भारत जोड़ो यात्रा के जरिए हम देश के सामने मौजूद गंभीर विषयों पर लोगों से सीधे बात करने वाले हैं। यह यात्रा करीब 150 दिनों में पूरी होनी है। इस दौरान कांग्रेस, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, अन्य राजनीतिक दलों और लाखों आम लोगों से संपर्क करेगी। उनके साथ देश की गंभीर चुनौतियों से निपटने के तरीकों पर संवाद करेगी।

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पूरी यात्रा में 118 पदयात्री रहेंगे साथ, जिनमें छत्तीसगढ़ सात लोग शामिल 

यह पदयात्रा जिन राज्यों से होकर गुजरने वाली है उसमें छत्तीसगढ़ शामिल नहीं है। इसके बाद भी यहां के सात नेता कन्याकुमारी से श्रीनगर तक की पूरी यात्रा में साथ रहने वाले हैं। इनमें रत्ना पैकरा, क्रांति बंजारे, अशिका कुजूर, डॉ. चौलेश्वर चंद्राकर, आदित्य भगत और रामेश्वर चक्रधारी शामिल हैं। देश भर से ऐसे 118 लोगों को चुना गया है जो पूरी पदयात्रा करेंगे। जिस राज्य से होकर यात्रा गुजरेगी वहां के 100 लोग भी इसमें राज्य की सीमा तक के लिए जुड़ेंगे। वहीं दूसरे नेता-कार्यकर्ता समय-समय पर जुड़ते-अलग होते रहेंगे। इस यात्रा में 300 यात्री हर समय मौजूद रहने हैं। इसमें शामिल होने के लिए 40 हजार से अधिक लोग पंजीयन करा चुके हैं।

सात सितम्बर को ऐसे शुरू होगी यात्रा

कुमारी शैलजा ने जो कार्यक्रम बताया है उसके मुताबिक, 7 सितम्बर को सुबह 7 बजे तमिलनाडु के श्री पेरुंबदुर स्थित पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के स्मारक पर श्रद्धांजलि दी जाएगी। राहुल गांधी दोपहर 3 से 4 बजे तक बीच तिरुवल्लुवर स्मारक, विवेकानंद स्मारक और कामराज स्मारक पर जाकर पुष्पांजली अर्पित करेंगे। चार बजे वहां महात्मा गांधी मंडपम में एक प्रार्थना सभा आयोजित होगी। यहीं पर राहुल गांधी को राष्ट्रीय ध्वज दिया जाएगा। यहां से बीच रोड तक पदयात्रा कर एक प्रतीकात्मक शुरुआत हो जाएगी। बीच रोड पर शाम को एक जनसभा भी होनी है। 8 सितम्बर को सुबह 7 बजे कन्या कुमारी के विवेकानंद इंस्टीस्च्यूट ऑफ पॉलिटेक्निक के मैदान से यह पदयात्रा वास्तविक रूप से शुरू होगी।

रोजाना 25 किमी चलेंगे पदयात्री, सभाएं भी होंगी

  • सुबह 7 बजे प्रार्थना के बाद पदयात्रा शुरू होकर 10.30 बजे तक किसी ठिकाने तक पहुंचेगी। इस दौरान 15 किमी का रास्ता तय होगा।
  • दोपहर बाद 4 बजे तक भोजन, आराम और लोगों से संवाद होगा।
  • 4 बजे से फिर पदयात्रा शुरू होगी जो 7.30 बजे तक पूरी होगी। इस बीच 10 किमी दूरी तय करने का लक्ष्य है।
  • रात में चौपाल कार्यक्रम होगा। वहां भी संवाद होगा।

 

 

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