झोलाछाप डॉक्टर बना मासूम बच्ची की मौत की वजह, भाई की भी बिगड़ी तबियत…

 

झोलाछाप डॉक्टर

 

मुजफ्फरपुर: गांवो में अक्सर जब डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते तो वहा के लोग झोलाछाप डॉक्टरों से अपना इलाज करवा लेते है. और बिहार में झोलाछाप डॉक्टरों का बोलबाला जोरों पर है। ग्रामीण इलाकों में एमबीबीएस डॉक्टर से ज्यादा तेवर में झोलाछाप डॉक्टर इलाज करते हैं और केस गड़बड़ाने पर फरार हो जाते है। ताजा मामला मुजफ्फरपुर से आया है। पारू थाना के डेलुआ गांव में इलाज के दौरान चार वर्षीया बच्ची की मौत हो गई। वहीं, उसके दो वर्षीय भाई की हालत बिगड़ गई।

परिजनों का आरोप है कि क्वेक के इंजेक्शन देने के बाद दोनों की तबीयत खराब हो गई थी। घटना के बाद से क्वेक फरार हो गया। मृत बच्ची ऋषिका के दादा कृष्णदेव ठाकुर ने शनिवार को पारू थाने में लिखित शिकायत की है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष रामनाथ प्रसाद ने बताया कि आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि डेलुआ गांव निवासी मिठू शर्मा के पुत्र ऋषि व पुत्री ऋषिका को बरसाती घाव हो गया था। इलाज के लिए झोलाछाप डॉक्टर (क्वेक) को घर पर बुलाया गया था।

क्वेक ने दोनों बच्चों को इंजेक्शन दिया। दस मिनट बाद ऋषिका कुमारी को उल्टी होने लगी और वह सुस्त पड़ गई। क्वेक ने पानी का छींटा मरवाया और किसी बड़े डॉक्टर से दिखाने के बात कहकर वहां से निकल गया। परिजन दोनों बच्चों को इलाज के लिए बसरा बाजार ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ऋषिका ने दम तोड़ दिया। वहीं, ऋषि इलाज के बाद अब ठीक है। इस मामले में पुलिस ने पारू थाने में आरोपी क्वेक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। उसके बाद से आरोपी फरार है। बच्ची की मौत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। पुलिस ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

 

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