CG News : मध्य भारत का पहला केस, एनएचएमएमआई ने रचा इतिहास, ट्रेचेओसोफेगल फिस्टुला का किया सफल इलाज…

CG News

रायपुर। CG News एनएचएमएमआई अस्पताल के डाॅक्टरों ने एएसडी ऑक्लुडर डिवाइस क्लोजर का उपयोग करते हुए 61 वर्षीय एसोफैगल कैंसर सर्वाइवर को ट्रेचेओसोफेगल फिस्टुला का सफल आपरेशन कर बचाया गया। आपरेशन के 4 दिनों बाद उक्त व्यक्ति को अस्पताल से छुट्टी दे दिया गया।

Read More : CG News : ट्रक से 15 टन कोयला लेकर जाते दो युवक चढ़े पुलिस के हत्थे…

बता दें कि भोजन नली और श्वास नली अलग-अलग होती हैं, ट्रेकोओसोफेगल फिस्टुला (टीईएफ) एक विकार है जहां यह दोनों ट्यूब आपस में जुड़ जातीं हैं। जिससे खाना या पानी फेफड़ों में जा सकता है और वहां के कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। यह नुकसान कभी-कभी गंभीर भी हो जाता है और निमोनिया का खतरा भी बन सकता है। ट्रेचेओसोफेगल फिस्टुला के इलाज के सामान्य तरीके एसोफागल स्टेंट, ट्रायकेल स्टेंट और सर्जरी है। लेकिन इस कैंसर सर्वाइवर के मामले में 6 से 7 मिमी फिस्टुला सर्जरी के क्षेत्र के बहुत करीब था।

Read More : CG News : करंट की चपेट में आने से महिला की मौत, दोषियों पर होगी कार्रवाई…

जिसके कारण सामान्य उपचार तकनीकों से इलाज संभव नहीं था, इसलिए, एनएच एमएमआई नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, लालपुर, के डॉक्टरों की टीम ने रोगी को एक अनोखे तकनीक के साथ उपचार का फैसला किया। एएसडी ऑक्लुडर डिवाइस का उपयोग करके फिस्टुला को बंद कर दिया गया था, जिसके लिए एक मल्टी-स्पैशलिटी टीम की आवश्यकता थी। टीम में सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोलाॅजी डॉ एस. एस. पाढ़ी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉ अनुपम महापात्रा, कंसल्टेंट – पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन डॉ दीपेश मस्के, एचओडी क्रिटिकल केयर डॉ प्रदीप शर्मा और सीनियर एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉ अरुण अंडप्पन शामिल थे। जिन्हें आपरेशन को सफल बनाया है।

Read More : CG News : काम करने खेत जा रहे किसान दंपत्ति पर भालू ने किया हमला, अस्पताल में भर्ती…

डॉ अनुपम महापात्रा बताते हैं कि रोगी एनएच एमएमआई नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, लालपुर में गंभीर खांसी, बुखार और ऑक्सीजन स्तर में गिरावट की शिकायत के साथ आया था, जो सामान्य दवाओं के बाद भी लगातार बना रहा। सीटी स्कैन से ट्रेचेओसोफेगल फिस्टुला का पता लगा और यूजीआई एंडोस्कोपी एवं ब्रोंकोस्कोपी से फिस्टुला के स्थान और आकार की जानकारी हुई।

Read More : CG News : यातायात पुलिस ने स्टंट करने वाला युवक पर लगाया जुर्माना, 6 माह में पुलिस ने 45 हजार का चालान काटा…

डॉ. एस.एस. पाढी कहते हैं कि निष्कर्षों को देखते हुए, हमने प्रक्रिया को कम चीरे वाली रखने और सर्जिकल जटिलताओं से बचने के लिए एएसडी ऑक्लडर डिवाइस को चुनने का फैसला किया, जो उस स्थिति के लिए एक नया और दुर्लभ निर्णय था जहां बहुत कम विकल्प उपलब्ध थे। डॉ. दीपेश मस्के ने बताया कि यह एक दुर्लभ मामला था और संभवतः मध्य भारत में पहला केस था जहां एएसडी ऑक्लूडर डिवाइस एक ट्रेचेेओसोफेगल फिस्टुला के इलाज के लिए इस्तेमाल किया था।

Read More : CG News : नवपदस्थ एसपी त्रिलोक बंसल ने ली समीक्षा बैठक, निरंतर पेट्रोलिंग करते रहने दिए निर्देश…

ऑपरेशन के चार दिनों के भीतर ही मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। वह अभी ठीक है और उसे सामान्य खाने-पीने की भी अनुमति दे दी गई है। इस सफल आॅपरेशन के लिए फैसिलिटी डायरेक्टर नवीन शर्मा ने डॉक्टरों की टीम को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हमारी पहल हमेशा अनूठी रही हैं और हमारे डॉक्टर मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपने दृष्टिकोण में कुशल और अद्वितीय रहे हैं।

 

JOIN TCP24NEWS WHATSAPP GROUP

Related Articles

Back to top button