Rashi Parivartan : राशि परिवर्तन के बाद सूर्य और शनि रहेंगे आमने-सामने, इन राशि वालो के लिए बढ़ सकती मुसीबत, कलेश और हिंसा की आशंका…

 

Rashi Parivartan

 

 

नई दिल्ली, Rashi Parivartan: इस बार 16 जुलाई को सूर्य का राशि परिवर्तन हुआ है। जिसके बाद अब सूर्य और शनि दोनों आमने-सामने आ गए हैं। जो कि 17 अगस्त 2022 तक इसी स्थिति में रहेंगे। इन दोनों ग्रहों का दृष्टि संबंध बन रहा है। ज्योतिष की माने तो इस स्थिति को अशुभ माना है। क्योंकि सूर्य और शनि आपस में शत्रु है। इन दो ग्रहों का एक दूसरे को देखना कई राशियों के लिए भी अशुभ हो सकता है ।

सूर्य-शनि का अशुभ योग

पुरी के ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि सूर्य कर्क राशि में और शनि मकर राशि में है। एक दूसरे के सामने होने से समसप्तक योग बन रहा है। शनि देव वक्री हैं, यानी टेढ़ी चाल से चल रहे हैं। शनि का वक्री होना अशुभ रहेगा। जिससे लोगों में आपसी विवाद बढ़ेंगे और अनबन होंगी। इन दोनों ग्रहों के कारण पिता-पुत्र के संबंध भी खराब होंगे। इस अशुभ ग्रह स्थिति के कारण लोगों को सफलता हासिल करने में देरी होगी।

 

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दुनिया पर असर

इस अशुभ योग से देश की जनता और प्रशासन के बीच अविश्वास बढ़ेगा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़े देशों के बीच की तनाव बढ़ सकता है। देश की के जनता असंतुष्ट रहने के साथ ही पड़ोसी देशों के साथ विवाद हो सकता है।

अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव आएंगे। देश के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में बीमारियां बढ़ने की संभावना है। वहीं देश की किसी बड़ी हस्ती के निधन का योग भी बन रहा है। इसके साथ ही कुदरती कहर यानी बाढ़, भूकंप, चक्रवात या आगजनी की स्थिति बन सकती है। देश की जनता में रोग और आपसी विवाद के हालात बन सकते हैं। लोगों की सेहत को लेकर देश-विदेश में नई परेशानी सामने आ सकती है।

शिव और शनि पूजा

सूर्य-शनि के अशुभ असर से बचने के लिए सावन महीने में शनि पूजा करने का विधान ग्रंथों में बताया गया है। इसलिए श्रावण मास के हर शनिवार को शनि देव की पूजा करनी चाहिए। वहीं, प्रदोष यानी त्रयोदशी तिथि के संयोग में की गई पूजा से शनि के अशुभ प्रभाव से होने वाली तकलीफों से राहत मिलती है।

 

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