New Variety Mango : आम की ‘सदाबहार’ किस्म, पेड़ पर लगते हैं साल में 3 बार फल, राष्ट्रपति भवन में भी लगाए गए है इसके पौधे

 

 

New Delhi : New Variety Mango  भारत शुरूआत से ही किसानप्रधान देश माना गया है, देश की अर्थव्यवस्था का अधिकतर हिस्सा कृषि-किसानी में सम्मिलित होता है। आम एक ऐसा फल है जिसे फलों का राजा भी कहा जाता है। ऐसा ही एक आम की प्राजति है सदाबहार आम, नाम से ही पता चलता है कि यह एक नियमित और निरंतर फल देने वाली किस्म है।

राजस्थान के रहने वाले श्री किशन सुमन ने इस नए किस्म के आम की पैदवार करते है। यह फल स्वाद में मीठे होते हैं और इसे बौनी किस्म के रूप में विकसित किया जाता है जो कि किचन गार्डनिंग के लिए उपयुक्त होता है।

और इसे कुछ वर्षों तक गमलों में उगाया जा सकता है। वर्तमान में उनके पास 22 मदर प्लांट और 300 ग्राफ्टेड आम के पौधे हैं। आम के पेड़ अधिकांश प्रमुख बीमारियों एवं सामान्य विकारों से प्रतिरक्षित होते हैं। छत्तीसगढ़, दिल्ली और हरियाणा के किसान इस किस्म को उगा रहे हैं और फलों के मीठे स्वाद की सराहना कर रहे हैं।

ये है सदाबाहर आम किस्म की मुख्य विशेषताएं

उच्च उपज (5 से 6 टन/है। सालों भर फलते-फूलते है। इसके फल का छिलका गहरे नारंगी रंग का होता है।जिसका स्वाद मीठा होता है। इसके फल में फाइबर बहुत कम होता है। वर्ष 2000 के दौरान, श्री किशन सुमन ने अपने बगीचे में एक आम के पेड़ की पहचान की, जिसमें अच्छी वृद्धि की प्रवृत्ति थी, गहरे हरे रंग के पत्ते एवं पेड़ तीन मौसमों में खिलता था

लक्षणों को ध्यान से देखते हुए उन्होंने एक वंशज के रूप में इसका उपयोग करते हुए पांच ग्राफ्टेड आम के पेड़ तैयार किए। इस किस्म को विकसित करने में उन्हें लगभग पंद्रह साल लगे। ग्राफ्ट को संरक्षित करने और तैयार करने पर, उन्होंने देखा कि ग्राफ्ट किए गए पौधे ग्राफ्टिंग के दूसरे वर्ष से फल देने लगे हैं।

श्री किशन सुमन अपनी सदाबहार आम की किस्म के साथ प्रदर्शन मूल्यांकन के उद्देश्य से, एनआईएफ ने गांधीनगर के ग्रामभारती में सदाबहार आम की किस्म की रोपाई की है। हाल ही में NIF ने राष्ट्रपति भवन में मुगल गार्डन में सदाबहार आम कि किस्म के रोपण की सुविधा भी प्रदान की है।

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