Monsoon Alert : बारिश के मौसम में इन जीवो से रहे सावधान, वरना गवा बैठेंगे अपनी जान, जाने शिकार हो जाने पर कैसे करे प्राथमिक उपचार 

Monsoon Alert

रायपुर। Monsoon Alert  बारिश का मौसम सभी लोगों को कुछ अलग सा ही एहसास दिलाती हैं। इस मौसम में चारों ओर हरियाली छाई रहती हैं। वामी मौसम में हमेशा नमी रहती हैं। वही भारी बारिश की वजह से जमीं के अंदर बिल बनाकर रहने वाले जहरीले जीव भी अपने बिल से बाहर निकल जाते हैं। जिससे लोगो को काफी खतरा रहता हैं। इनमे सबसे खतरनाक हैं बिच्छू और सर्प। भारत की बात करे तो प्रतिवर्ष हजारो लोग इसके कारण अपनी जान गवा बैठते हैं। तो आइए हम आपको बताते है कि यदि ये जहरीले जीव आपको काट दे तो आपको सबसे पहले क्या करना चाहिए।

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सांप

बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा खतरा सैप से होता है क्योंकि ये ज्यादातर उस स्थान पर पाए जाते हैं जहां लोग निवास करते हैं। सर्पदंश के शिकार हुए व्यक्ति को केवल कटे हुए सांप के जहर से बने एंटीडोट्स ही बचा सकता हैं। ऐसे में सबसे पहले उसे अस्पताल ले जाने का प्रयास करे। वही अस्पताल ले जाने के दौरान इन उपायों को अपनाए।

सर्पदंश होने के बाद करे ये उपाय

  • कभी भी सर्पदंश वाले स्थान से जहर “चूसने” की कोशिश न करें। ऐसा करना खुद आपके लिए घातक हो सकता है।
  • किसी तरह का घरेलू उपचार देने की कोशिश न करें। मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाएं।
  • सांप को अच्छी तरह देखने और पहचानने की कोशिश करें। आशय यह है कि सांप का हुलिया बताने से चिकित्सक को इलाज करने में आसानी होती है।
  • कांटे हुए स्थान पर चीरा न लगाए।
  • मरीज को शांत रखने की कोशिश करें। मरीज जितना उत्तेजित रहेगा उसका रक्तचाप भी उसी गति से बढ़ेगा।
  • मरीज को बिस्तर पर सीधा लेटा दें। शरीर में जितनी कम हलचल होगी जहर भी उतना कम फैलेगा। यदि हाथ में सांप ने काटा है तो उसे नीचे की ओर लटकाकर रखें ताकि जहर दिल तक पहुंचने में वक्त लग सके। यदि पैर में काटा है तो पलंग पर इस तरह लिटा दें ताकि मरीज के पैर नीचे लटके रहें।
  • सर्पदंश के स्थान को पोटेशियम परमेगनेट या लाल दवा के पानी अथवा साबुन से धोना चाहिए। सर्पदंश के स्थान पर बर्फ न लगाएं।
  • यदि किसी के पैर पर सर्पदंश हुआ हैं तो काटे हुए स्थान से जांघ तक किसी पट्टी से बांध दे। ध्यान रहे पट्टी को इतना भी जोर से न बांधे कि रक्त प्रवाह प्रभावित हो। पट्टी लगभग एक इंच चौड़ी होना चाहिए, साथ ही दंश के 20 मिनट के अंदर बांधी जानी चाहिए।
  • जितने ज्यादा क्षेत्र में पट्टियां बांधेगे उतना फायदा होगा। दिल तक जहर न पहुंचे इसके लिए धड़ को भी पट्टियों से लपेटा जा सकता है। जहां तक संभव हो सके मरीज को पैदल चलने से रोकें। याद रहे कि शरीर की हलचल न्यूनतम हो।
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बिच्छू – बिच्छू के काटने से मौत होने की आशंका काफी क्षीण रहती है लेकिन इसके दंश से मरीज को बहुत तेज दर्द होता है। मरीज को सुविधाजनक स्थिति में आराम करने दें। उसे चलने फिरने और उत्तेजित होकर कुछ और करने से रोकें। दंश के स्थान को साबुन या एंटीबायोटिक साल्यूशन से धो लें।

दंश पर कीटाणु रहित ड्रेसिंग पट्टी लगाएं। दंश के स्थान पर चीरा लगाने की कोशिश न करें। आमतौर पर गर्म सलाई से भी जलाने की कोशिश की जाती है पर ऐसा न करें। घरेलू नुस्खे मरीज की तकलीफ बढ़ाते हैं।

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