NIT के रिसर्च स्कॉलर ने बनाया देश का पहला ऐसा हेडफोन डिवाइस जो खानपान की करेगा मॉनिटर, समय में खाना नहीं खाया तो बजेगा अलार्म

 एनआईटी के रिसर्च स्कॉलर इमरोज खान ने तैयार किया अनोखा हेडफोन डिवाइस और एप्लीकेशन

 

 

 

रायपुर। कार्य की व्यस्तता के चलते अक्सर लोग खाना, दवा सही समय पर नहीं ले पाते, जिससे उनकी तबीयत भी खराब हो जाती है। एनआईटी के रिसर्च स्कॉलर ने देश का पहला हेडफोन डिवाइस और एप्लीकेशन तैयार किया है, जो लोगों को बता देगा कि कब और क्या खाना चाहिए। समय से पहले नहीं खाने पर वह अलार्म देकर लोगों सूचित भी कर देगा। हेडफोन की एक खासियत यह भी है यह व्यक्ति क्या खा रहे हैं इसकी सभी जानकारी क्लाउड में हेडफोन के माध्यम से सेव करते जाएगा। रिसर्च स्कॉलर इमरोज खान ने बताया, 6 साल के मेहनत के बाद यह डिवाइस बनकर तैयार हुआ है। पेटेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह लोगों को बाजार में मिलने लगेगा। उन्होंने बताया, 2017 से 18 तक केवल मैंने इस डिवाइस के बारे में ही अध्ययन करता रहा, जिसके बाद इसे बनाना शुरू किया। यह डिवाइस साउंड के जरिए सभी चीजों को एकत्र करता है। यह देश का पहला डिवाइस है।

READ MORE : Nokia Budget Smartphone : Nokia का दमदार स्मार्टफोन भारत में 12,000 रुपए से भी कम की कीमत पर हुआ लॉन्च, ग्राहकों को लाजवाब डिजाइन के साथ मिलेगी तगड़ी बैटरी

इस डिवाइस को बनाने के पीछे मां के साथ हुआ एक हादसा जुड़ा हुआ है। स्कॉलर ने बताया, एक दिन मां ने जल्दबाजी में घर से बिना खाए दवा लेकर निकली थी, जिस वजह से उनकी तबीयत खराब हो गई है। उस दिन मैंने सोचा था क्यों न ऐसी डिवाइस बनाई जाए जो यह बता सके कि क्या खाना चाहिए और कब खाना चाहिए।  समय से नहीं खाने पर वह अलार्म देकर लोगों को सचेत भी करे.यह डिवाइस खान-पान को मॉनिटर करने के लिए बनाई गई है। आसान भाषा में समझें तो जैसे कोई भी व्यक्ति अगर हॉस्पिटल में एडमिट होता है तो उसके लिए डाइट चार्ट बनाया जाता है। उस डाइट चार्ट के अनुसार उन्हें खाना-पीना दिया जाता है। मरीज को क्या खाना है , क्या नहीं खाना, कब खा रहा है, इसको देखने के लिए एक नर्स रहती है। लेकिन इस डिवाइस के माध्यम से हम यह सारी चीजें एक हेडफोन और एप्लीकेशन के माध्यम से मॉनिटर कर सकते है।

READ MORE : NIT के रिसर्च स्कॉलर ने बनाया देश का पहला ऐसा हेडफोन डिवाइस जो खानपान की करेगा मॉनिटर, समय में खाना नहीं खाया तो बजेगा अलार्म

डिवाइस के पेटेंट होने के बाद यह डिवाइस 1500 से 2 हजार के बीच लोगों को मिलने लगेगा। इमरोज ने बताया, मरीज को खाना खाते समय और पानी पीते समय हेडफोन को अपने कान में पहनना है, जिससे मरीज क्या खा रहा है? इसमें कितना प्रोटीन है? मरीज जूस पी रहा है या पानी पी रहा है यह सारी जानकारी हेडफोन में आवाज के माध्यम से फीड हो जाएगी और यह क्लाउड में सेव हो जाएगा।डिवाइस खाना चबाने की आवाज, निगलने की आवाज, थूकने, डकारने , खांसी, पानी पीने, जूस पीने जैसे 20 प्रकार के साउंड को डिटेक्ट कर सकता है।  डाटा देखा जा सकता है।

JOIN TCP24NEWS WHATSAPP GROUP

Related Articles

Back to top button