RAILWAY : अग्निपथ प्रदर्शन से बिगड़ी ट्रेनों की चाल, ट्रेन रद्द होने से छोटे शहर तक पहुंचना हुआ मुश्किल, देखिए रद्द ट्रेनों की लिस्ट

रायपुर।  रेलवे ने कोयला मांग की पूर्ति समय पर करने के लिए लगातार दो महीने से अधिक यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित कर रखा हैं। वर्तमान में 66 ट्रेन रद्द चल रही हैं, जिस कारण सफर करना यात्रियों के बेहद मुश्किल हो चुका है।

 

Agneepath Yojana Protest Update

रायपुर।  रेलवे ने कोयला मांग की पूर्ति समय पर करने के लिए लगातार दो महीने से अधिक यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित कर रखा हैं। वर्तमान में 66 ट्रेन रद्द चल रही हैं, जिस कारण सफर करना यात्रियों के बेहद मुश्किल हो चुका है। हर महीने रेलवे पटरियों में कार्य समेत अन्य कारणों से 20 से 30 ट्रेनों को रद्द करना आम बात हो चुकी है। एक साथ अगल-अलग रूटों की ट्रेन प्रभावित होने से विभिन्न राज्यों के छोटे शहरों में जाने के लिए अब ना बस की सुविधा और ना ही फ्लाइट उपलब्ध है।

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छोटे शहर जाने के लिए सीधी ट्रेन रद्द हो चुकी हैं। ऐसे में अब यात्रियों को अलग-अगल स्टेशन से ट्रेन पकड़कर जाना पड़ रहा है। इससे न केवल समय अधिक लगा बल्कि यात्रियों को किराया भी दोगुना देना पड़ रहा है। बता दे, राजस्थान, सिकंदराबाद, बिहार, यूपी समेत तमिलनाडु जाने वाली प्रमुख ट्रेन रद्द चल रही है। इस वजह से छोटे शहर में लोग पहुंच नहीं पा रहे है। राजधानी से बस उन जगहों पर नहीं जाती। इस वजह से यात्रियों को तीन से चार ट्रेन बदलकर सफर करना पड़ रहा है। चंद घंटो का सफर के लिए यात्रियों को पूरा दिन लग जा रहा है।

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रेलवे ने दुर्ग-अजमेर और उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस को रद्द राजस्थान जाने के लिए यात्रियों की समस्या बढ़ा दी। वर्तमान में राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर शहर जाने के लिए कोई भी सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं है और ना बस की सुविधा है। रायपुर से राजस्थान के इन शहरों तक पहुंचने के लिए यात्रियों को एक से दाे बार ट्रेन बदलनी पड़ रही है। यात्रियों को जयपुर जाने के लिए बड़ी मशक्कत करना पड़ रहा है। ज्यादातर यात्री रायपुर से नागपुर या फिर टिटलागढ़ से ट्रेन बदल कर जयपुर पहुंच रहे है। सामान्यत: यह सफर 22 घंटे का होता है लेकिन सीधी ट्रेन नहीं होने से यह सफर 34 घंटे का हो चुका है। इस शहरों में फ्लाइट की सुविधा है लेकिन रायपुर से कोई सीधी फ्लाइट नहीं है।

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तेलंगाना जाने के लिए रायपुर से एक मात्र सिकंदराबाद चलती है, जो तेलंगाना के छोटे शहर आदिलाबाद, खम्मम, करीमनगर, महबूबनगर, मेडक, निजामाबाद, नलगोंडा से जाती है। वर्तमान में यह ट्रेन पटरियों में काम और छात्रों के प्रदर्शन के चलते रद्द है। ऐसे में यात्रियों के पास सिकंदराबाद जाने के लिए भी कोई सुविधा नहीं है। रायपुर से हैदराबाद जाने के लिए नागपुर से बस बदलना पड़ता है। फ्लाइट की सुविधा के लिए हैदराबाद के लिए है। ऐसे में तेलंगाना के छोटे शहर जाने के लिए यात्रियों को किस्तों में सफर करना पड़ रहा है। हर पांच से छह घंट के सफर के बाद यात्रियों को सफर का साधन बदलना पड़ रहा है।

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काेयला संकट में रद्द 24 और पटरियों के काम से 22 ट्रेन रद्द होने के बाद भी मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश, गुजरात, हावड़ा के छोटे शहर जाने के लिए ट्रेन की सुविधा थी, लेकिन छात्रों के प्रदर्शन से ट्रेन यातायात ठप हो गया है। अब रीवा, बेरली, छिंदवाड़ा, संतरागाछी, वलसाड, हटिया, भगत की कोठी समेत रामटेक जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन इस वक्त रद्द चल रही है। इस शहर में फ्लाइट से जाने की सुविधा नहीं है। केवल राजधानी में लिए फ्लाइट है, इसमें भी कुछ कनेक्टिंग है। यहां तक बस भी सीधे रास्ते से नहीं जाती है। इस छोटे शहर तक पहुंचे के लिए यात्रियों को भारी जद्दोजहद करना पड़ रहा है। एक ट्रेन के रद्द होने से छोटे शहर तक जाने का रास्ता यात्रियों के बंद हो चुका है।

 

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