Presidential Election 2022 : राष्ट्रपति पद के लिए भाजपा कर रही 10 से ज्यादा दिग्गज नामों पर मंथन, ये 5 चल रहे रेस में आगे

 

New Delhi : Presidential Election 2022 देश के प्रथम नागरिक मतलब राष्ट्रपति के पद के लिए आगामी चुनाव की 18 जुलाई को मतदान प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। चुनाव के तिथि का समय कम होने के साथ राजनितिक दलों में भी खलबली मची हुई है। एनडीए (BJP NDA) और यूपीए (CONGRESS UPA) में उम्मीवार को लेकर मंथन का दौर जारी है। चुनाव में एनडीए के उम्मीदवारों के चयन पर सभी की नज़र है। वहीं कुछ लोग इस चुनाव में एनडीए का पल्लड़ा भारी भी मान रहे है।

केंद्र शाषित सरकार भाजपा में राष्टपति उम्मीवारों की घोषणा से पहले 10 से ज्यादा दिग्गजों के नामों पर बातचीत जारी है। जिनमें पांच ऐसे नाम हैं, जिनकी सबसे ज्यादा चर्चा है।

अबतक चुनाव में भाजपा ? – Presidential Election 2022

एनडीए ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है कि वह विपक्ष और एनडीए में शामिल पार्टियों से समर्थन हासिल करें। इसके लिए राजनाथ सिंह ने ममता बनर्जी, शरद पवार, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक समेत विपक्ष और एनडीए की सहयोगी पार्टी के कई बड़े नेताओं से संपर्क किया।

इसके अलावा भाजपा ने मैनेजमेंट टीम भी बनाई है। इसके समन्वयक गजेंद्र सिंह शेखावत हैं। सह संयोजक विनोद तावड़े और सीटी रवि बनाए गए हैं। वहीं, 11 सदस्य भी नियुक्त किए गए हैं।

विपक्ष का चुनाव में ज़ोर ? – Presidential Election 2022

पछिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विपक्ष को एकजुट करने के लिए काफी कोशिशें कर रहीं हैं। इस दौरान 15 जून को उन्होंने 22 विपक्षी दलों की बैठक बुलाई थी, जिसमें 17 दलों के नेता शामिल हुए थे। आम आदमी पार्टी, टीआरएस, बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस ने खुद को इस बैठक से अलग रखा। अब 21 जून को विपक्ष की बैठक है। जिसमें अध्यक्षता शरद पवार करेंगे।

राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए बढ़ती हलचल में यह बात भी निकल कर सामने आ रही है कि जिस तरह भाजपा ने 2017 में जिस तरह से रामनाथ कोविंद को अचानक राष्ट्रपति और वैंकैया नायडू को उपराष्ट्रपति चुना लिया गया था। उस वक्त तक इन दोनों नाम पर कोई चर्चा नहीं थी। इस बार भी कुछ ऐसा ही हो सकता है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उत्तर प्रदेश के दलित और उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू आंध्र प्रदेश के कम्मा परिवार से आते हैं। जिस वक्त रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति बनाए गए, उस वक्त वह बिहार के राज्यपाल थे। जिससे ऐसा मन जा रहा है कि भाजपा किसी को भी उम्मीदवार बना सकती है।

मंथन में इन 5 नामों की चर्चा सबसे ज्यादा – Presidential Election 2022

 

1. थावरचंद गहलोत : कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के नाम की काफी चर्चा है। गहलोत मध्य प्रदेश के दलित समुदाय से आते हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा लगातार दूसरी बार दलित वोटर्स को साधने के लिए दलित चेहरे पर दांव खेलना चाहती है।

2. अनुसुइया उइके या द्रौपदी मुर्म : एक कयास ये भी है कि पहली बार भाजपा किसी आदिवासी चेहरे को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना सकती है। इसमें छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके और झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्म के नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है। खास बात ये भी है कि दोनों महिलाएं हैं।

3. आरिफ मोहम्मद खान या मुख्तार अब्बास नकवी : किसी मुस्लिम चेहरे को भी राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। इनमें केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी शामिल हैं। किसी मुस्लिम चेहरे को राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति बनाकर भाजपा एक संदेश देना चाहेगी। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान भी ऐसा ही हुआ था। तब भाजपा की तरफ से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को उम्मीदवार बनाया गया था।

4. इन नामों की भी चर्चा: इनके अलावा कई नामों पर मंथन चल रहा है। इनमें आंध्र प्रदेश के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन, बिहार के राज्यपाल फागू चौहान, हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन को लेकर भी चर्चा हो रही है।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट गुरमीत सिंह का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उम्मीदवार चाहे जो हो, लेकिन यह तय है कि दोनों पदों में से एक पर उत्तर तो दूसरे पर दक्षिण भारत का चेहरा उतारा जाएगा। ऐसा करके उत्तर से लेकर दक्षिण तक के सियासी गणित को साधा जा सकता है।

राष्ट्रपति चुनाव का ऐसा है पूरा कार्यक्रम – Presidential Election 2022

राष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनाव के लिए अधिसूचना 15 जून को जारी हो चुकी है। नामांकन की आखिरी तारीख 29 जून है। नामांकन पत्रों की जांच 30 जून तक होगी। उम्मीदवार अपना नामांकन दो जुलाई तक वापस ले सकेंगे। राष्ट्रपति का चुनाव 18 जुलाई को होगा, जिसके नतीजे 21 जुलाई को आएंगे। 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति का पदभार ग्रहण समारोह होगा।

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