Agneepath Yojana Protest Update: बवाल के बीच सुप्रीम कोर्ट पहुंचा अग्निपथ योजना का मामला, बिहार-हरियाणा में बंद की गई इंटरनेट सुविधा…

 

Agneepath Yojana Protest Update

 

 

नई दिल्ली, Agneepath Yojana Protest Update: अग्निपथ योजना के खिलाफ देशभर में मचे बवाल का मामला सुप्रीम कोर्ट (Agnipath Scheme in Supreme Court) पहुंच गया है. इस योजना को लेकर शीर्ष अदालत में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है. सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme Protest) की समीक्षा की मांग की है. सर्वोच्च अदालत में वकील विशाल तिवारी ने यह याचिका दाखिल की है. याचिका में अग्निपथ को लेकर हुई हिंसा के मामले की जांच के लिए SIT गठित करने की अपील की गई है. साथ ही देशभर में हुई हिंसा को लेकर स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करने की मांग की है.

बंद की गई इंटरनेट सुविधा-

बिहार में कई जगह पर युवाओं ने ट्रेनों को आग के हवाले किया है. उत्तर प्रदेश के भी कुछ शहरों में बवाल हुआ. अलीगढ़ के एक थाने में भी आग लगा दी गई. वहीं तेलंगाना में प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति की मौत की घटना सामने आई है. इसके साथ ही हरियाणा के कई शहरों में भी हिंसा की आग भड़कती दिखाई दी. इसे देखते हुए हरियाणा में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी गई है. बिहार के कई 10 से अधिक जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई गई है.

 

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अमित शाह का बड़ा ऐलान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और असम राइफल्स (Assam Rifles) की भर्ती में अग्निवीरों को आरक्षण मिलेगा. उन्होंने कहा कि इन अर्धसैनिक बलों में अग्निवीरों को वरीयता दी जाएगी. अग्निपथ योजना के तहत 4 साल पूरे होने के बाद अग्निवीरों को भर्ती में 10 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएगा. गृह मंत्रालय के कार्यालय ने एक अन्य ट्वीट में यह भी बताया कि गृह मंत्रालय ने सीएपीएफ और असम राइफल्स में भर्ती के लिए अग्निवीरों को निर्धारित ऊपरी आयु सीमा में तीन साल की छूट देने का भी फैसला किया है. इसके अलावा, अग्निवीरों के पहले बैच को निर्धारित ऊपरी आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट दी जाएगी.

 

 

याचिका में बुलडोजर एक्शन पर सवाल

याचिका में यूपी में चले बुलडोजर पर भी सवाल उठाए गए हैं. याचिका में कहा गया है कि कुछ दिन पहले सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश में दंगों में शामिल होने के कथित आरोप में कुछ मुसलमानों के घर गिरा दिए गए थे. उत्तर प्रदेश सरकार की इस हरकत पर सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज ने भी आपत्ति जताई थी. अब अग्निपथ स्कीम को लेकर बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हो रहा है. रेलवे और अन्य सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है. वकील ने पूछा कि क्या अब सरकार ट्रेन जलाने वालों के घरों पर बुलडोजर चलाएगी. या फिर यूपी सरकार पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रही है.

 

 

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