story of resolution : घर छोड़कर बनाई अपनी बस अब 10 साल अपनों से दूर रहकर देशभर में पढ़ाने निकले सौर ऊर्जा का पाठ

 

 

रायपुर। देश में बिजली का उपयोग अधिक होने से इसका संकट भी अब बढ़ने लगा हैं। लोगों को सौर ऊर्जा का पाठ पढ़ाने आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर डॉ. चेतन सोलंकी देशभर में सौर ऊर्जा से चलने वाली विशेष बस में भ्रमण कर रहे हैं। इस क्रम में मंगलवार को पं.रविवि के ऊर्जा प्रौद्योगिकी और प्रबंधन में पहुंचे और छात्रों को सौर ऊर्जा का महत्व और उपयोग की बारीकी से अवगत कराया। सौर ऊर्जा पर अपना जीवन समर्पित कर चुके डाॅ. सोलंकी ने देशभर में सोलर मैन के रूप में अपनी छवि बनाई है। बातचीत में उन्होंने अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया, लोगों को सौर ऊर्जा का ज्ञान देने 10 सालों के लिए अपना घर त्याग कर अपनी बनाई हुई बस से देशभर में भ्रमण कर रहा है। मेरा उद्देश्य सौर ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण को संतुलित बनाए रखता है।

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लोगों को सौर ऊर्जा का महत्व समझाने के लिए डाॅ. सोलंकी ने बस को ही अपना घर बना लिया है, जिसमें रूम, बाथरूम, किचन के साथ तमाम सुविधाएं हैं। उनका कहना है, मेरी बस ही लोगों को यह बताने के पर्याप्त है की आप सूर्य की ऊर्जा से काफी बिजली बचा सकते हैं। उन्होंने बताया, 2020 से 2030 तक बस से ऊर्जा स्वराज यात्रा पर निकला हूं। 10 साल घर नहीं जाने का संकल्प लिया है। परिवार के सदस्य मिलने आते है। यह यात्रा जलवायु परिवर्तन को कम करने और ऊर्जा स्थिरता सुनिश्चित को लेकर है। विशेष सौर बस में 8 सौर पैनल हैं और 3.2 किलोवाट बिजली उत्पन्न करते हैं जो स्टोव, पंप, रोशनी, पंखा, एयर कंडीशनर, टेलीविजन आदि जैसे विभिन्न घरेलू उपकरणों की दैनिक प्राथमिक ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। स्टूडेंट्स को सोलर बस ने काफी आकर्षित किया।

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सौर ऊर्जा पर डॉ. सोलंकी की लिखी हुई पुस्तक को दो गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड प्राप्त है। कॉलेज में उनकी किताब को अध्ययन में शामिल भी किया गया है। उनका कहना है, 1950 के बाद वैश्विक ऊर्जा उपयोग में तेजी से वृद्धि हुई है। लगभग 80-85% ऊर्जा का योगदान जीवाश्म ईंधन द्वारा किया जाता है। पूर्व-औद्योगिक युग की तुलना में ग्रह 1.1 डिग्री सेल्सियस गर्म है। हमें वार्मिंग को सीमित करने के लिए सोलर का उपयोग करने चाहिए। लोगों को पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों पर निर्भर रहने के बजाय सौर ऊर्जा करने की अपील कर रहे है। जितना संभव हो ऊर्जा के उपयोग से बचें, भले ही वह सौर ऊर्जा ही क्यों न हो। यदि आप ऊर्जा के उपयोग से बच नहीं सकते हैं, तो कुशल उपकरणों के उपयोग के माध्यम से इसका उपयोग कम से कम करें।

 

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