Operation Rahul : पिहरीद में चुनौतियों के संग हौसले की जंग : राहुल को बचाने 72 घंटे से लगातार रेस्क्यू जारी, चट्टानों के कारण बढ़ रही चुनौती

Operation Rahul

जांजगीर-चांपा। Operation Rahul मालखरौदा विकासखंड के गांव पिहरीद में बोरवेल में फंसे बालक राहुल साहू के रेसक्यू अॉपरेशन में एक के बाद एक नयी-नयी बाधाएं आ रहीं हैं। इसके बावजूद हर चुनौती को पार करते हुए रेसक्यू टीम 60 फीट नीचे बोरवेल के सामानांतर खोदे गये गड्ढे में सुरंग तैयार करती हुई धीरे-धीरे राहुल के करीब बढ़ रही है। Operation Rahul इस कठिन आपरेशन में राहुल का हौसला और रेसक्यू टीम का संयम आपरेशन को ताकत दे रहा है।

 

पिहरीद में चार दिन पहले एक बालक के बोरवेल में गिरकर फंसे होने की सूचना मिलते ही प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। Operation Rahul पुलिस, पीडब्लूडी, विद्युत, चिकित्सा, राजस्व सहित सभी विभागों का प्रशासनिक अमला इस काम में झोंक दिया गया। मौके के हालात और राहुल की अवस्था को देखते हुए सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी बुला ली गईं।

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बाद में एसईसीएल की टीम और खनन कार्य के अन्य विशेषज्ञों को भी रेसक्यू के लिए उतार दिया गया। रस्सी के सहारे रेसक्यू की कोशिशें नाकाम होने के बाद गुजरात से रोबेट विशेषज्ञ को बुलाया गया, लेकिन राहुल Operation Rahul की मानसिक अवस्था और बोर के भीतर की चट्टानों के कारण यह कोशिश भी सफल नहीं हो पाई। इस बीच मौसम का बदलाव भी चिंता बढ़ाता रहा।

 

बोरवेल के भीतर बढ़ते जल स्तर ने नया खतरा निर्मित कर दिया, इससे निपटने के लिए गांव के सभी बोरवेल को चौबीसों घंटे चालू रखने के निर्देश दिए गए। Operation Rahul  समय बीतने के साथ राहुल के स्वास्थ्य की बढ़ती चिंता को देखते हुए मेडिकल टीमों को सभी आपात सुविधाओं के साथ तैनात किया गया। बोरवेल के समानांतर गड्ढे में मिट्टी और पत्थर दोनों की अधिकता की वजह से 60 फीट की गहराई में खोदी जाने वाली पतली सुरंग के धसकने के खतरे को देखते हुए विशेषज्ञों ने सुरंग में लोहे की पाइप डालकर आगे बढ़ने का निर्णय लिया।

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जब सुरंग तैयार होने लगी तो रास्ते मे आ रहे पत्थर और कड़ी चट्टानें बाधा बन गईं। बिलासपुर से बड़ी ड्रिल मशीनें मंगाई गईं। इसी दौरान चट्टानों और पत्थरों की दरारों में सांप-बिच्छुओं की आशंका ने नयी चुनौती निर्मित कर दी। Operation Rahul  प्रशासन ने इसके लिए सर्प विशेषज्ञों की तैनाती कर दी और एंटी-वेनम की व्यवस्था भी मौके पर ही कर दी गई। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक रेसक्यू टीम संयम और सफलता के साथ धीरे-धीरे राहुल के करीब बढ़ रही है। राहुल का हौसला भी बरकरार है।

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