NMDC : नगरनार इस्पात संयंत्र के प्रारंभ होने में तेजी लाने का लक्ष्य : सोमनाथ नंदी

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नगरनार। NMDC (तकनीकी) निदेशक सोमनाथ नंदी आज दोपहर नगरनार पहुंचे। NMDC प्रबंधन ने पिछले सप्ताह निदेशक तकनीकी को हैदराबाद से नगरनार स्थांतरण करने के निर्णय का यह नतीजा है। नंदी की पदस्थापना स्टील प्लांट की शीघ्र कमीशनिंग के मद्देनजर की गई है।

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नगरनार पहुँचकऱ नंदी ने कहा-हमने इस्पात संयंत्र को शीघ्र कमीशन करने की योजना बनाई है। इसके लिए हमें अपना लक्ष्य केंद्रित कर आगे बढ़ना होगा ताकि जल्द ही बस्तर का सपना साकार हो सके। इस महत्वपूर्ण मोड़ पर स्टील प्लांट से जुड़े सभी हितधारकों को सकारात्मक योगदान देना होगा। इस वक्त ज़रूरी है कि हम अनुचित अटकलों से बचें ताकि कमीशनिंग में कार्यरत हमारी टीम अपने कार्य पर लक्ष्य केंद्रित कर सके।

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नवरत्न खनन कंपनी NMDC का निदेशक मंडल हैदराबाद में स्थित NMDC मुख्यालय से कंपनी के कामकाज का संचालन करता है। हैदराबाद का निदेशक मंडल एनएमडीसी की बैलाडीला और दोणिमलै में प्रमुख लौह अयस्क खदानों, पन्ना में हीरा खनन परियोजना तथा भारत और विदेशों में कई अन्य परियोजनाओं के संचालन का प्रबंधन करता है। अब तक NMDC की इस्पात संयंत्र परियोजना की निगरानी और प्रबंधन हैदराबाद से की जा रही थी।

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नंदी के नगरनार में स्थानांतरण से संयंत्र की कमीशनिंग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। नंदी को इस्पात उद्योग का व्यापक अनुभव है। स्टील प्लांट की पेचीदगियों को भलीभांति समझने की उनकी योग्यता के अलावा उनकी उत्कृष्ट मानव प्रबंधन क्षमता से स्टील प्लांट परियोजना लाभान्वित होगी।

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पिछले साल दिसंबर में NMDC ने मेकॉन को स्टील प्लांट प्रारंभ करने तथा इसे शुरुआती दौर में संचालित करने की ज़िम्मेदारी सौंपी थी। परियोजना स्थल पर नंदी की उपस्थिति से महत्वपूर्ण निर्णय लेने में समय का अंतराल घटेगा और मेकॉन और NMDC के बीच समन्वय बेहतर होगा।

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3 मिलियन टन की वार्षिक इस्पात उत्पादन क्षमता वाला स्टील प्लांट अब परीक्षण, एकीकरण और स्थिरीकरण के अंतिम चरण पर है और कमीशनिंग की ओर बढ़ रहा है। NMDC के स्टील प्लांट परियोजना का दोहरा महत्व है क्योंकि यह हाल के दिनों में स्थापित किया जा रहा एकमात्र ग्रीन फील्ड इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट है। यह संयंत्र देश की अग्रणी परियोजनाओं में शुमार है। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण बस्तर क्षेत्र में स्थापित किया गया है। स्टील प्लांट की कमीशनिंग से बस्तर क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की पर्याप्त संभावनाएं हैं।

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