Misleading Ad Guidelines : सेरोगेट और भ्रामक विज्ञापनों को लेकर सरकार ने जारी किये नए दिशा-निर्देश, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगेगा 50 लाख तक जुर्माना

 

 

New Delhi : Misleading Ad Guidelines देश में सेरोगेट और भ्रामक विज्ञापनों को लेकर सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी गाइडलाइन के अनुसार अब भ्रामक विज्ञापन निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। CCPA ने सरोगेट एडवर्टाइजमेंट पर भी प्रतिबंध लगाया है। नए गाइडलाइन का उद्देश्य विज्ञापनों में पारदर्शिता लाना है, उसी के साथ कंज़्यूमर इंट्रस्ट को बनाए रखना है। मंत्रालय के नए दिशानिर्देश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।

विज्ञापन के इतिहास में शराब, गुटका और हानिकारक विज्ञापनों पर बैन लगने के बाद से विज्ञापन निर्माताओं द्वारा इसका तोड़ सेरोगेट एडवर्टिसमेंट निकाला लिया गया था। वहीँ ऐसे कई सारे भ्रामक विज्ञापन है जो लोगों को भ्रमित करने का काम करते थे। मगर इन तरीकों पर बैन लग चूका हैं।

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विज्ञापनों के लिए जारी गाइडलाइन – Misleading Ad Guidelines

 

सरकार ने सरोगेट विज्ञापन (Serogate Advertisment) पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। शर्तें लागू होने पर फ्री एडवर्टाइजमेंट को भ्रामक कहा जाएगा। बच्चों के जरिए चैरिटी, पोषण संबंधी दावे भी भ्रामक हो सकते हैं। ब्रांड प्रमोशन के लिए किसी प्रोफेशनल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। नियम और शर्तों में जो कुछ भी फ्री बताया गया है, डिस्क्लेमर में भी वह फ्री होना चाहिए। कंपनी के वे विज्ञापन जो कंपनी से जुड़े लोग कर रहे हैं तो आपको बताना होगा कि हम कंपनी से क्या संबंध रखते हैं।

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नए दिशा निर्देश अनुसार मैन्युफैक्चरर, सर्विस प्रोवाइडर की ड्यूटी होगी की उन्हें अपने प्रोडक्ट के बारे में सही जानकारी देना जरुरी होगा। इसी के साथ जिस आधार पर दावा किया गया है उसकी जानकारी देनी होगी।

50 लाख रुपए तक का जुर्माना

CCPA किसी भी भ्रामक विज्ञापन के लिए मैन्युफैक्चर्स, एडवर्टाइजर्स और एंडोर्सर्स पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगा सकता है। बाद के उल्लंघनों के लिए 50 लाख रुपए तक का जुर्माना भी लगा सकता है। अथॉरिटी भ्रामक विज्ञापन के एंडोर्सर पर 1 साल का बैन लगा सकती है। बाद में उल्लंघन के लिए इसे 3 साल तक बढ़ाया जा सकता है। ये नियम उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने का अधिकार भी देंगे।

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