पृथ्वी की तरफ तेजी से बढ़ रहा विशाल एस्टेरॉइड, 16 मई को होगा बेहद करीब

 

नई दिल्ली।  भारत की तरफ तेज़ी से बढ़ते हुए एस्टेरॉइड यानि छुद्रग्रह को लेकर अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी हैं। यह एस्टेरॉइड आकार में काफी बड़ा होने की वजह ऐसा अनुमान लगाया गया हैं की अगर यह पृथ्वी गृह से तकजरा जाता हैं तो बहुत अधिक तबाही मचा सकता है।अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा इस एस्टेरॉइड पर लगातार नजर रखे हुए है। नासा का कहना है कि एस्टेरॉइड 3945 यानिए 200TZ3 16 मई को धरती के बेहद करीब पहुंच सकता है।

 

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अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की मानें तो यह एस्टेरॉइड 1608 फीट चौड़ा है और यह आकार में न्यूयॉर्क के एम्पायर स्टेट की बिल्डिंग के बराबर है। यही नहीं यह एस्टेरॉइड एफिल टॉवर और स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी काफी बड़ा है। लिहाजा अगर यह धरती की सतह से टकराता है तो इससे होने वाली तबाही का अंदाजा लगाया जा सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एस्टेरॉइड 16 मई को सुबह तकरीबन 2.48 बजे धरती के बेहद करीब होगा।

 

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पृथ्वी गृह से है इतना दूर

फिलहाल पृथ्वी से यह एस्टेरॉइड काफी दूर हैं। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एस्टेरॉइड धरती से तकरीबन 25 लाख मील की दूरी से गुजरेगा। यूं तो यह दूरी आपको सुनने में काफी अजीब लग रही होगी, लेकिन वास्तव में अंतरिक्ष के लिहाज से यह दूरी बहुत अधिक नहीं है क्योंकि अंतरिक्ष में एस्टेरॉइड की रफ्तार काफी तेजी होती है। यही वजह है कि नासा इस एस्टेरॉइड को काफी गंभीरता से ले रहा है।

 

साल 2020 में भी धरती के बेहद करीब आया था एस्टेरॉइड

 

बता दें कि अंतरिक्ष में किसी चीज़ की कोई सिमा नहीं होती है वैक्यूम अधिकहोने के कारण एस्टेरोइड और बहुत सारी चीज़ें अंतरिक्ष में लाखो किलोमीटर की दुरी तय करते रहते हैं। यह पहली बार नहीं है जब धरती के करीब कोई एस्टेरॉइड बढ़ रहा है। इससे पहले भी मई 2020 में एक एस्टेरॉइड धरती के बेहद करीब से गुजरा था। यह धरती से तकरीबन 1.7 मिलियन दूरी से गुजरा था। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की मानें तो यह एस्टेरॉइड हर दो साल के बाद धरती के बेहद करीब से गुजरता है। यह सूर्य की परिक्रमा के दौरान हर दो साल में धरती के करीब से गुजरता है।

 

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