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एल्गार परिषद मामला : सुधा भारद्वाज को मिली राहत, बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी तकनीकी खामी के आधार पर जमानत, कहा – वह जमानत की हकदार

Mahendra Kumar SahuDecember 2, 20211min

 

एल्गार परिषद मामले में आरोपियों में से एक सुधा भारद्वाज को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को जमानत दे दी। उन्हें यह जमानत तकनीकी खामी के आधार पर दी गई है।

मुबई : बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एल्गार परिषद में एक आरोपी सुधा भारद्वाज जो डिफॉल्ट जमानत दे दी। इसी मामले में हाई कोर्ट ने तेलुगु कवी वरवर राव सहित आठ की याचिका ख़ारिज कर दी। अधिवक्ता-कार्यकर्ता भारद्वाज को अदालत ने तकनीकी खामी के आधार पर जमानत दी है लेकिन समान आधार पर दायर की गई आठ अन्य लोगों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

 

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न्यायाधीश एसएस शिंदे और एनजे जामदार की पीठ ने कहा कि सुधा भारद्वाज इस तरह की जमानत की हकदार हैं और जमानत नहीं देने का मतलब संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत दिए गए जीवन और निजी स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करना होगा। बता दें कि सुधा भारद्वाज फिलहाल बायकुला महिला कारावास में बंद हैं।

गौरतलब है कि पेशे से वकील सुधा भारद्वाज ने करीब तीन दशकों तक छत्तीसगढ़ में रहकर काम किया है। उन्होंने सुधा पीपुल्स यूनियन फार सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) बनाया। अगस्त 2018 में पुणो पुलिस ने उन्हें भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा और माओवादियों से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया था।

 

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पीठ ने निर्देश दिया कि भारद्वाज को आठ दिसंबर को एनआईए की विशेष अदालत के सामने पेश किया जाए। यहां उनकी जमानत की शर्तें तय की जाएंगी और रिहाई को अंतिम रूप दिया जाएगा। ज्ञात है कि भारद्वाज इस मामले में गिरफ्तार 16 कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों में ऐसी पहली आरोपी हैं जिन्हें तकनीकी खामी के चलते जमानत दी गई है।


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