ताज़ा ख़बर
RAIPUR BREAKING: शातिर चोर ने पहले शराब दुकान का ताला आरी ब्लेड से काटा, फिर लाखों रुपए नगदी किए पार,जाते-जाते एक बोतल शराब सहित DVR भी ले उड़ाराशिफल : 9 दिसंबर को इन राशि वालों की जागेगी सोई हुई किस्मत, धन-दौलत में अपार वृद्धि की संभावना…अपने बेटे की गर्लफ्रैंड के साथ रोमांस कर चुके है ये सुपरस्टार , बेटे को लगी भनक तो किया अपने बाप के साथ किया कुछ ऐसा ..ये हैं सलमान की पहली गर्लफ्रेंड, 19 साल की उम्र में हुआ था पहला प्यार, दीदार के लिए घंटों खड़े रहते थे कॉलेज के बाहर..रॉयल इनफील्ड का क्रेज ऐसा कि 2 मिनट में बिक गयी सारी गाड़ियां, जाने क्या है इसमें ख़ास…अरुणिता और पवनदीप के रिश्ते में आई दरार, अब इस एक्ट्रेस के साथ रोमांस करेंगे इंडियन आइडल 12 के विनर..विक्की-कैटरीना की शादी को लेकर सलमान की बहन अर्पिता ने दिया चौकानेे वाला बयान, सुनकर लोग कर रहे दोनो एक्टर्स को जमकर ट्रोल..सर्दियों में ऐेसे रखे अपना और अपनों का खयाल, नही तो हो सकती है ये परेशानियांCORONA UPDATE : 27 हजार सैंपलों में मिले 37 नए मरीज, इस जिले में मिले सबसे ज्यादा संक्रमित…

इस निलंबित आईपीएस की बढ़ी मुश्किलें: आय से अधिक संपत्ति मामले में एफआईआर को दी थी हाईकोर्ट में चुनौती

Mahendra Kumar SahuNovember 26, 20211min

रायपुर.  आय से अधिक संपत्ति मामले में निलंबन काट रहे आईपीएस अफसर जीपी सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। हाईकोर्ट में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर मामले में उन्हें अंतरिम राहत देने से कोर्ट ने इंकार कर दिया है। वहीं कोर्ट ने शासन से 4 सप्ताह में जवाब तलब किया है। मामले की सुनवाई जस्टिस रजनी दुबे की बेंच में हुई। न्यायालय ने शुक्रवार को फॉर प्रोनाउंसमेंट ऑफ जजमेंट के तौर पर मामले को लिस्टेड किया था।

 

अधिवक्ता आशुतोष पांडेय के माध्यम से आईपीएस जीपी सिंह ने हाईकोर्ट में नई याचिका पेश की है। उन्होंने अपने खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने केस को चुनौती देते हुए कहा है कि एफआईआर से पहले शासन ने कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया है। ऐसे में आपराधिक प्रकरण निरस्त किया जाना चाहिए। उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि धारा 17 (क) के तहत एफआईआर से पहले सामान्य प्रशासन विभाग से अनुमति लेना जरूरी है। इसी तरह केंद्रीय कार्मिक विभाग से भी अनुमति लेनी थी, पर ऐसा नहीं किया गया।

 

उन्होंने सूचना के अधिकार कानून के तहत केंद्रीय कार्मिक विभाग व गृह मंत्रालय से जानकारी ली, तब पता चला कि कार्रवाई करने के पहले प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। लिहाजा, याचिका में एफआईआर को निरस्त करने की मांग की गई है। साथ ही अंतरिम राहत के तौर पर मामले की सुनवाई होने तक एफआईआर पर स्टे देने की मांग की गई। इस मामले पर 17 नवंबर को हुई इस सुनवाई के बाद जस्टिस रजनी दुबे की बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

 

सालों की सेवा में मिले कई पुरस्कार :

इस याचिका में उनके वकील ने बताया गया था कि आईपीएस के पद पर जीपी सिंह ने 19 साल से सेवाएं दी हैं। इस दौरान राज्य सरकार ने उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की और उन्हें कई अवार्ड भी दिए गए। उन्होंने सवाल किया है कि जो अफसर लगातार बेहतर काम कर रहे थे। उसी अफसर को अचानक भ्रष्टाचार का आरोपी बना दिया गया। ऐसी नौबत क्यों आई, इसके तथ्यों पर विचार करना चाहिए। याचिका में उन्होंने कहा है कि आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में उन्हें सुनियोजित तरीके से फंसाया गया है।

 

READ MOER; संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का विपक्षी दल ने किया बहिष्कार, भाजपा बोली अंबेडकर साहेब का अपमान, जानें क्या है पूरा मामला

 

जांच में सहयोग का वादा :

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि एफआईआर को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही प्रकरण की सुनवाई होने तक अंतरिम राहत के तौर पर एफआईआर पर स्टे देने का आग्रह किया गया है। उनकी वकील ने यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता आईपीएस अफसर राज्य शासन की जांच में हर तरह से मदद करेंगे।

 

 


About us

हम निर्भीक हैं, निष्पक्ष हैं व सच की लड़ाई लड़ने के लिए आपके साथ हैं…


CONTACT US

संपर्क करें

Contact Our Chief Editor Mahendra Kumar Sahu

H14, dhehar city, gayatri nagar, raipur chhattisgarh, 492007