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राष्ट्रपिता के जीवन मूल्यों का प्रतीक है साबरमती आश्रम-इसके मूल को न बदले सरकार : रघु ठाकुर

Mahendra Kumar SahuNovember 18, 20211min

 

 

हेमलाल साहू/धमतरी. लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक रघु ठाकुरअल्प प्रवास पर धमतरी पहुंचे।उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में उसना चावल ज्यादा चलता है और अधिकांश लोग वही प्रयोग में लाते है। अगर एफसीआई उसना चावल नहीं खरीदेगा तो अंततः यह किसानों को क्षति होगी क्योंकि किसानों की धान व्यापारी नहीं खरीदेंगे। उसना चावल दक्षिण में जियादा खाया जाता है अतः एफसीआई के माध्यम से दक्षिण के राज्यों को क्रय किया जा सकता है।

 

 

 

उन्होंने प्रधानमंत्रीजी से अपील की की उसना चावल खरीदने का आदेश एफसीआई को दें. बाजार की महंगाई बहुत भारी बढ़ चुकी है और आम आदमी को एक भारी बोझ बन गई है। हालत यह है कि आम आदमी बाजार से सब्जी भी खरीद कर नहीं खा सकता। जो दैनिक जीवन के सामान है बहुत महंगे हो गए हैं और आदमी महंगाई से परेशान हैं। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी की मांग है की दाम बांधो नीति लागू की जाए तथा सभी सामानों के लागत मूल्य निकालकर उसमें 50% जोड़कर अधिकतम मूल्य तय किया जाए। जिस प्रकार सरकार किसानों को मिनिमम सपोर्ट प्राइस याने न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करती हैं उसी प्रकार बाजार की वस्तुओं का अधिकतम मूल्य तय किया जाना चाहिए।

 

 

 

नगरी तहसील के अंचल में आदिवासी लोग लंबे समय से अपने जमीन की पट्टों की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। एक तरफ मुख्यमंत्री जी ने घोषणा की है की सभी लोगों को जो पात्र हैं पट्टे दिए जाएंगे और दूसरी तरफ स्थिति यह है की जो पात्र हैं, जिनके पास प्रमाणित कब्जे के दस्तावेज हैं और जिन के साथ 1987 में सरकार ने लिखित समझौता किया था। उन 5 गांव के लोगों को अभी तक पट्टे नहीं दिया गया। शायद मुमन्त्रीजी के आदेश नौकरशाही नहीं मान रही।हालत इतनी बदतर हो गई है कि अनेक गांव के लोग जिन्हेंखुद सरकार ने पट्टे दिए थे अब उन्हें बलात बेदखल किया जा रहा है।

 

 

जिन गरीब आदिवासियों को जमीन के पट्टे मिले थे उन आदिवासियों की जमीन से जो राष्ट्रीय राजमार्ग निकल रहा है उसमें उन गरीबों की जमीने जा रहीहैं। मुश्किल से एकड़ 2 एकड़ के पट्टे एक व्यक्ति को मिले थे ।अब वह जमीन भी राजमार्ग के नाम पर ली जा रही है और सरकार की तरफ से जो मावजे की राशि तय की गई है वह बहुत कम है। जो लोग विस्थापित होंगे उनके समक्ष एक नई जगह बसने खेती की जमीन खरीदने की जरूरत होगी और परंतु इतने कम राशि में ना उन्हें जमीन मिलेगी न वे मकान बना पाएंगे। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग करती हैं की जिन आदिवासियों की पट्टे की जमीन अधिकृत की जा रही है। उन्हें या तो खेती के बदले खेती की जमीन दी जाए या फिर उनके मुआवजे की राशि को नगरी के बाजार में जमीन की कीमत के चार गुना बढाकर राशि दी जाए। मौके पर छत्तीसगढ़ प्रदेश लोसपा के अध्यक्ष अशोक पण्डा, उपाध्यक्ष बनशीश्रीमाली, नगरी के अध्यक्ष हेमन्त सलाम आदि उपस्थित रहे।

 

 

मूल आश्रम को यथावत रखा जाए
उन्होंने आगे कहा कि महात्मा गांधी का सावरमती आश्रम आजादी के आंदोलन का केंद्र था। इसकी स्थापना गांधीजी ने दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद की थी और यहीं से राष्ट्रपिता ने दांडी मार्च किया था। तथा मुंबई में समुद्र तट पर जाकर नमक बनाकर गिरफ्तारी दी थी तथा लाखों लोगों के साथ बापू गिरफ्तार हुए थे। यह आश्रम बापू की सादगी का प्रतीक है और उनके जीवन मूल्य खादी अहिंसा स्वदेशी प्रकृति संरक्षण आदि का संदेश है। भारत सरकार इस आश्रम को नवनिर्मित करना चाहती है। परंतु इसे मिटाने से बापू के सिद्धांत धूमिल हो जाएंगे। हम लोग भारत सरकार से मांग कर रहे हैं कि जो मूल आश्रम है उसे यथावत रखा जाए। उससे छेड़छाड़ ना की जाए वह गांधी के सच्चाई और सादगी का प्रतीक है। उसके बाजू मैं जो खाली जगह पड़ी है वहां सरकार को जो बनाना हो बनाएं पर गांधी के मूलके साथ छेड़छाड़ ना करें। देश वासियों सभी राजनेतिक दलों सामाजिक और मजदूर संगठनों से अपील है कि राष्टपिता की स्मृतियों को बचाने के लिए भारत सरकार को लिखे और विरोध दर्ज करायें।


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