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ये 4 प्रमुख कारण हो सकते हैं अनियमित पीरियड की वजह, कहीं आप भी ऐसी समस्या से परेशान तो नहीं

Mahendra Kumar SahuNovember 13, 20211min

 

 नई दिल्ली। पीरियड एक ऐसी समस्या है जो हर एक महिलाओं व लड़कियों को आमतौर पर 25 दिन या फिर 28 दिन बार होते हैं. इस दौरान महिलाओं को चिड़चिड़ेपन के साथ ही कई तकलीफों से गुजरना पड़ता है. साथ ही कई तरह की शारीरिक परेशानियों भी झेलना पड़ता है. हालांकि हर महिला की पीरियड साइकल में फर्क होता है. किसी को वक्त (पीरियड्स की लास्ट डेट) के पहले तो किसी को वक्त के बाद पीरियड होते हैं. किसी किसी महिला को एक या दो महीने में केवल एक बार पीरियड्स होते हैं या फिर किसी को एक महीने में दो-तीन बार होंते हैं.

 

 

 

 

इसको इररेगुलर पीरियड कहा जाता है. यह एक बहुत ही सीरियस समस्या है. जिन लड़कियों या महिलाओं को ये समस्या होती है उनको प्रेग्नेंसी में फिर काफी परेशानी झेलनी पड़ जाती है. इसके अलावा भी कई तरह की परेशानियां महिलाओं को हो सकती है. अगर किसी भी फीमले को ये समस्या हो तो जल्द से जल्द इससे छुटकारा पाना चाहिए.अगर आप अपने पीरियड्स में आकस्मिक बदलाव का अनुभव कर रहे हैं, तो इससे जुड़ी कुछ बातों को जानिए.

 

 

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महीने में 2 बार पीरियड्स आने के कारण
अगर आपको मेनोपॉज की समस्या है एक महीने में दो बार पीरियड्स होने का खतरा बढ़ा सकता हैं. पीरियड के समय अधिक और लगातार ब्‍लीडिंग का एक स्वास्थ्य प्रभाव एनीमिया के रूप में देखने को भी मिलता है जो उसके ब्‍लड में आयरन की कमी के कारण होता है.

 

 

 

अल्सर भी हो सकता है
आपको बता दें कि पीरियड्स के दौरान अल्सर की समस्या आपको परेशानी में डाल सकती है. अल्सर ही ब्लीडिंग का कारण बन सकती है. कई बार अल्सर में होने वाली ब्लीडिंग को भी मासिक चक्र की ब्लीडिंग समझा जाता है, इसमें रक्त के थक्के भी निकल सकते है.

 

 

 

प्रेगनेंट तो नहीं हैं
आमतौर हर लड़कियों की सोच होती है, कि अगर उनको पीरियड्स नहीं हुए तो प्रेग्नेंसी से तो कनेक्शन नहीं है. मगर प्रेगनेंट होने के बाद बीच-बीच में ब्लीडिंग होना भी आम बात है. कही कारण है कि लगभग 15 से 18 प्रतिशत गर्भावस्था गर्भपात में समाप्त होती है. ऐसे में आपकी एक्टीविटी इस बात पर पूरा निर्भर करती है.

 

 

 

 

ज्यादा स्ट्रेस लेना
सबसे अहम बात ये है कि यदि कोई महिला अधिक तनाव में रहती है, तब भी इसका सीधा पीरियड पर पड़ता है. तनाव के कारण से भी खून में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाता है और इस कारण या तो पीरियड बहुत लंबे या बहुत छोटे हो सकते हैं. तनाव के कारण पीरियड्स में अनियमता भी बहुत होती है.ऐसे में अगर आप स्टेस में हैं, तो आपको हेवी ब्लीडिंग हो सकती है, आप अपने पीरियड्स मिस कर सकती हैं या फिर महीने में दो बार पीरियड्स भी सकते हैं.

 


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