ताज़ा ख़बर
चिंता न करें, पुराने सोने पर भी मिलेंगे अच्छे दाम, ज्वेलरी दुकान जाकर बस करना होगा ये कामBIG BREAKING : बदले गए कई जिलों के आबकारी अधिकारी, सहायक आयुक्त और उपायुक्त सहित 17 अधिकारियों का ट्रांसफर, देखे सूचीबड़ी खबर : पंडो जनजाति पर फूटा दबंगों का गुस्सा, लगाया मछली चोरी का आरोप, जनचौपाल लगाकर बेरहमी से की पिटाई, 35 हजार जुर्माने का जारी किया फरमानजब पीछे से बजा म्यूजिक तो जाग उठा पंजाबी, बीच मैदान में भांगड़ा करते दिखें कप्तान विराट कोहली, सोशल मीडिया में वायरल हुआ वीडियोRAIPUR: महंगाई को लेकर विरोध: बैलगाड़ी में सवार होकर निगम मुख्यालय निकले महापौर ढेबर, तेल के दामो में लगातार बढ़ोत्तरी को लेकर किया प्रदर्शन, मोदी सरकार को लेकर कही ये बड़ी बातCG CRIME: युवक और युवती ने एक ही फंदे में फांसी लगाकर की खुदकुशी, दोनों एक दिन पहले घर से निकले थे, जांच में जुटी पुलिसअब 60 रुपये में भरवा सकेंगे पेट्रोल! मोदी सरकार करने जा रही है ये बड़ा ऐलान, कंट्रोल होगा महंगाईInternational yoga Day : रायपुर में ट्रांसजेंडर के समुदाय ने मनाया Health अंतरराष्ट्रीय विश्व योग दिवस, कहा दवा हमारे शरीर के अंदर है..इस खिलाड़ी ने खेली तूफानी पारी, 52 चौकों और 5 छक्‍कों से जड़ दिया तिहरा शतकबड़ी खबर : पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 880 ग्राम गांजा के साथ 2 आरोपी गिरफ्तार

Solar Eclipse : 148 साल बाद शनि जयंती और सूर्य ग्रहण का अद्भुत संयोग, कनाडा में रिंग फायर…

Som dewanganJune 10, 20211min


 

नई दिल्ली। आज 148 साल बाद शनि जयंती (Shani Jayanti) व सूर्यग्रहण (Solar Eclipse) का दुर्लभ संयोग बन रहा है। 10 जून को साल का पहला सूर्यग्रहण (Solar Eclipse) लगने जा रहा है। सूर्यग्रहण (Solar Eclipse) का काल कुल पांच घंटे का होगा। ग्रहण दोपहर 1:42 मिनट से शुरू होकर शाम 6:41 मिनट तक रहेगा। आज सालों बाद शनि जयंती और सूर्य ग्रहण दोनों एक साथ है। इसे दुर्लभ संयोग माना जा रहा है। ऐसा दुर्लभ संयोग 148 सालों बाद बना है। इस साल का पहला सूर्य ग्रहण भी माना जा जा रहा है। भारत में इस धार्मिक महत्व अन्य देशों के बजाय ज्यादा है।

 

देश में यह सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में ही दिखाई देगा। इसका समय 1.42 बजे से शाम 6.41 बजे खत्म हो जाएगा। वहीं दुनिया कुछ अन्य हिस्सों में भी सूर्य ग्रहण को देखा जा सकेगा। यूरोप और एशिया, ग्रीनलैंड, उत्तरी अमेरिका, उत्तरी कनाडा और रूस के कुछ हिस्सों में ये दिखाई देगा। ग्रीनलैंड रूस और कनाडा में ये पूरा यानी वलयाकार दिखाई देगा और यहां के निवासी रिंग आॅफ फायर के अदभुत नजारे को देख सकेंगे। वहीं यूरोप और उत्तर एशिया के अधिकतर भाग में केवल आंशिक सूर्य ग्रहण ही दिखाई देगा।

 

आपको बता दें कि चंद्रमा सूर्य को इस तरह से ढकेगा जिससे सूर्य का बाहरी हिस्सा प्रकाशमान रह जाएगा और मध्य हिस्सा पूरी चरह से ढक जाएगा। इस स्थिति में सूर्य एक आग की अंगूठी की तरह नजर आएगा। इसको ही रिंग आॅफ फायर कहते हैं। सूर्य ग्रहण उस वक्त होता है जब धरती और सूरज के बीच में चंद्रमा आ जाता है और ये तीनों एक ही सीध में होते हैं।

 

भारत में सूर्य ग्रहण के धार्मिक महत्व की बात करें तो ये वट सावित्री व्रत, शनि जयंती और ज्येष्ठ अमावस्या के दिन लग रहा है। इसका अर्थ है कि धार्मिक तौर पर इस दिन चार बड़ी चीजें हो रही हैं। हालांकि भारत में ग्रहण को अच्छा नहीं माना जाता है। इसलिए ही इस दिन कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। शनि जयंती पर ग्रहण का योग करीब 148 साल बाद बन रहा है। अब से पहले इस तरह का संयोग 26 मई 1873 को हुआ था। हालांकि इस सूर्य ग्रहण में सूतक नहीं मान्य हैं।

 

ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत में ये दिखाई नहीं दे रहा है और जहां पर दिखाई दे भी रहा है कि वहां पर आंशिक रूप से ही दिखाई दे रहा है। सूतक वहां पर मान्य होते हैं जहां पर ग्रहण दृष्टिगोचर होता है। ग्रहण के समय में खाना बनाना या खाना शुभ नहीं माना जाता है। इसके अलावा इस दिन नए व मांगलिक कार्य भी नहीं किए जाते हैं। ग्रहण के समय मूर्ति को छूना भी शुभ नहीं माना जाता है और न ही तुलसी के पौधे को हाथ लगाना अच्छा माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार ग्रहण के समय सोने से भी बचने की सलाह दी जाती है।

 

 


About us

हम निर्भीक हैं, निष्पक्ष हैं व सच की लड़ाई लड़ने के लिए आपके साथ हैं…


CONTACT US

संपर्क करें