ताज़ा ख़बर
CG NEWS : नदी में बहकर आया महिला का शव, इलाके में फैली सनसनी, पुलिस ने जताई हत्या की आशंकाBIG BREAKING : छत्तीसगढ़ के इस जिले में भी बैंड व धूमाल बजाने की मिली अनुमति, कलेक्टर ने जारी किया आदेशEXCLUSIVE : कभी जार्ज पंचम फिर महात्मा गांधी और अब राजीव गांधी के नाम से जाना जाता है राजधानी का यह चौक, जाने इसके पीछे की पूरी कहानीBIG BREAKING: अब रविवार को इतने समय तक खुल सकेगा व्यापार, कलेक्टर ने ज़ारी किए आदेशEXCLUSIVE : अंतरराज्यीय बस स्टैंड बना नशेड़ियों का ठिकाना, खाली पड़े बस स्टैंड में युवा कर रहे नशा, अश्लील कामों को दे रहे अंजाम, पुलिस अधिकारियों भी नहीं ले रहे एक्शन… देखे VIDEOबढ़ती महंगाई को लेकर महिला कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला, सांसद ने कसा तंज कहा- पहला शाह तो दूसरा शहंशाह….CG BIG BREAKING : कोविड सेंटर से भागे पांच आरोपी गिरफ्तार, सभी के सभी संक्रमित, टीआई की कर दी धुनाई, वाहनों में तोड़फोड़RAIPUR: अनलॉक में बड़ी राहत दे सकता है जिला प्रशासन, दोपहर बाद जारी हो सकती है नई गाइडलाइन, रविवार को भी खुल सकती है दुकानेंBIG BREAKING : दर्दनाक सड़क हादसा: कार और ट्रक की जबरदस्त टक्कर, एक ही परिवार के 10 लोगों की मौतRAIPUR : बारवीं की आंसरशीट मूल्यांकन के लिए शिक्षकों को नहीं आना होगा केंद्र, घर में ही करेंगे कॉपी चेक, माशिमं ने की व्यवस्था.

सावधानः इंसानों में फैल रहा है कुत्तों में पाए जाने वाला कोरोना वायरस, वैज्ञानिकों ने कही ये बात…

Deepak SahuMay 30, 20211min


कैम्ब्रिज: वैज्ञानिकों ने निमोनिया से पीड़ित कुछ लोगों में कुत्तों में पाए जाने वाले एक नयी तरह के कोरोनावायरस का पता लगाया है। यह कहने, सुनने में भले खतरनाक लग सकता है, लेकिन इसका विश्लेषण करने के बाद लगता है कि इसकी वजह से आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। मलेशिया के सरवाक के एक अस्पताल में आठ लोगों में कुत्तों का कोरोना वायरस पाए जाने के बारे में अत्यधिक सम्मानित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के एक समूह ने नैदानिक ​​​​संक्रामक रोगों से संबंधित विभाग को सूचित किया है।

 

 

क्या है कुत्तों का कोरोनावायरस?

सबसे पहले स्पष्ट करने वाली बात यह है कि कुत्तों का कोरोनावायरस क्या है। यह जान लेना महत्वपूर्ण होगा कि यह सार्स-कोवी-2, जो वायरस कोविड-19 का कारण बनता है, से काफी अलग है। कोरोना वायरस परिवार को वायरस के चार समूहों में विभाजित किया जा सकता है: अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा कोरोना वायरस।

 

सार्स-कोवी-2 बीटाकोरोनावायरस समूह में आता है, जबकि कुत्तों के कोरोनावारस पूरी तरह से अलग अल्फ़ा कोरोना वायरस समूह से हैं। वैज्ञानिक लगभग 50 वर्षों से कुत्तों के कोरोना वायरस के बारे में जानते हैं। इस अवधि के अधिकांश समय में ये वायरस अपने एक अनजान अस्तित्व के साथ मौजूद रहे और केवल पशु चिकित्सक और कभी-कभी कुत्तों को पालने वाले लोग इनमें रूचि रखते थे।

 

 

इन वायरस के इन्सानों को संक्रमित करने के बारे में पिछली कोई जानकारी नहीं है। लेकिन अब अचानक दुनिया में सब तरफ कोरोनावायरस पर सबकी नजर रहने से उन जगहों पर भी कोरोनावायरस की मौजूदगी के निशान मिल रहे हैं, जहां इन्हे पहले कभी नहीं देखा गया था। हाल ही में लोगों में पाया गया कुत्तों का कोरोनावायरस संक्रमण दरअसल इस दिशा में की जा रही गंभीर खोज का नतीजा था। जिन लोगों को इस खोज का हिस्सा बनाया गया था वह काफी समय पहले ठीक हो चुके थे। वैज्ञानिक विशेष रूप से सिर्फ कुत्तों के कोरोनावायरस की तलाश नहीं कर रहे थे, शोधकर्ता एक ऐसा परीक्षण विकसित करने की कोशिश कर रहे थे जो एक ही समय में सभी प्रकार के कोरोना वायरस का पता लगा सके – एक तथाकथित पैन-सीओवी परीक्षण।

 

READ MORE : BIG BREAKING : पुलिस को मिली बड़ी सफलता, दुर्लभ वन्यजीव पेंगुलिन की तस्करी करते पुलिस ने दो आरोपी को दबोचा

 

192 रोगियों में की गई जांच

प्रयोगशालाओं में तैयार किए गए वायरस के नमूनों पर परीक्षण के काम करने की पुष्टि के बाद, उन्होंने मलेशिया के एक अस्पताल में भर्ती रहे निमोनिया के 192 रोगियों के नमूनों पर इसका परीक्षण किया। इनमें से नौ नमूनों का परिणाम कोरोना वायरस के लिए पॉजिटिव आया। इस संबंध में और जांच करने पर पता चला कि उपरोक्त नौ नमूनों में से पांच सामान्य मानव कोरोना वायरस थे जिससे सर्दी जुकाम हो सकता है। लेकिन, आश्चर्यजनक रूप से, चार नमूने कुत्तों में पाए जाने वाले कोरोनावायरस के थे। इसी अस्पताल के मरीजों की और जांच करने पर चार और पॉजिटिव मरीज सामने आए।

 

कुत्तों में पाए जाने वाले कोरोना वायरसों के बारे में अधिक जानने के प्रयासों के तहत शोधकर्ताओं ने इन सभी आठ मलेशियाई रोगियों के नाक और गले के नमूनों की जांच का अध्ययन किया। यह जानने के लिए कि क्या कोई जीवित वायरस मौजूद है, प्रयोगशाला में इन नमूनों को कुत्ते की कोशिकाओं में डाला गया। एक ही नमूने से वायरस को अच्छी तरह से दोहराया गया, और वायरस के कणों को इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी का उपयोग करके देखा जा सकता था। वैज्ञानिक वायरस के जीनोम को अनुक्रमित करने में भी सक्षम थे। विश्लेषण में पाया गया कि कुत्तों में पाया जाने वाला कोरोनावायरस कुछ अलग अल्फ़ा कोरोना वायरस – जिसमें सूअर और बिल्लियाँ भी शामिल थे – से निकटता से संबंधित था और यह भी पता चला कि इसे पहले कहीं और पहचाना नहीं गया था। आगे फैलने का कोई सबूत नहीं।

 

READ MORE : सेक्स रैकेट: कोरोना कर्फ्यू के बीच चल रहा था जिस्मफरोशी का धंधा, 3 महिलाओं आपत्तिजनक हालत में गिरफ्तार, वाट्सएप में होता था सौदा

 

अब सवाल यह पैदा होता है कि क्या मरीजों में निमोनिया के लिए कुत्तों में पाया जाने वाला यह कोरोनावायरस जिम्मेदार था? फिलहाल, हम इस सवाल का जवाब नहीं दे सकते। जांच का हिस्सा बनाए गए आठ में से सात मरीज एक साथ दूसरे वायरस से भी संक्रमित थे, जो या तो एडेनोवायरस, इन्फ्लूएंजा या पैरेनफ्लुएंजा वायरस था। हम जानते हैं कि ये सभी वायरस अपने आप में निमोनिया का कारण बन सकते हैं, इसलिए इस बात की अधिक संभावना है कि ये बीमारी के लिए जिम्मेदार थे। हम कह सकते हैं कि इन रोगियों में मिले निमोनिया का कुत्तों के कोरोनावायरस के साथ संबंध है, लेकिन यह नहीं कह सकते कि सिर्फ यह वायरस ही उनमें निमोनिया का कारण है।

 

READ MORE : BIG BREAKING: मंत्री डहरिया को 40 लाख रुपए देकर चुनाव जीताने वाला बता नौकरी लगवाने के नाम पर ठग ने की 19 लाख रुपयों की धोखाधड़ी, FIR दर्ज

 

इस बात को लेकर आशंकाएं हैं कि मलेशिया के इन रोगियों में पाया गया कुत्तों का कोरोनावायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकते हैं, और अगर ऐसा हुआ तो उसका नतीजा बड़े पैमाने पर बीमारी के प्रकोप के तौर पर सामने आएगा। इस तथ्य को प्रमुखता से उठाने वाले यह स्पष्ट नहीं करते कि इंसानों में संक्रमण के यह मामले दरअसल 2017 और 2018 के हैं। ऐसे में इस स्रोत से कुत्तों के कोरोनावायरस के प्रकोप की संभावना और भी कम हो जाती है क्योंकि बीच के तीन से चार वर्षों में इसके आगे फैलने का कोई सबूत नहीं है।

 

यह ऐसा समय है, जब चारों तरफ कोरोनावायरस की बात हो रही है और इससे जुड़े तमाम तरह के वायरस की खोज की जा रही है और ऐसे में अप्रत्याशित स्थानों से कुछ और पॉजिटिव नमूने मिलने से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन इनमें से अधिकांश केवल अध्ययन और जांच तक सीमित होंगे और इसके लिए चिंतित होने की जरूरत नहीं है। हालांकि, यह महत्वपूर्ण है कि नए कोरोनवायरसों पर निगरानी जारी रहे और इसका विस्तार हो ताकि भविष्य में अगर कोई नयी तरह का वायरस सामने आए तो हमारे पास उसे पहचानने का हर संभव मौका हो।

 

 


About us

हम निर्भीक हैं, निष्पक्ष हैं व सच की लड़ाई लड़ने के लिए आपके साथ हैं…


CONTACT US

CALL US ANYTIME



Latest posts


Categories