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पूर्व मुख्यमंत्री की बढ़ेगी मुश्किलें, पूर्व CM और ADG पर भ्रष्‍टाचार के संगीन आरोप, विधायक ने अपने बयान में किया था सनसनीखेज खुलासा

Sanjay sahuMay 26, 20211min

 

 

रांची। राज्यसभा चुनाव-2016 (Rajya Sabha Election-2016)में हार्स ट्रेडिंग (Horse Trading)मामले में रांची के जगन्नाथपुर (Jagannathpur of Ranchi)थाने में दर्ज प्राथमिकी में प्रीवेंशन आॅफ करप्शन एक्ट (पीसी एक्ट) यानी भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम (Anti Corruption Act)की धाराएं भी जुड़ेंगी। भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India)के आदेश के आलोक में रांची पुलिस (Ranchi Police)ने इसके लिए लीगल ओपिनियन भी लिया था। लीगल ओपिनियन मिलने के बाद अब रांची पुलिस (Ranchi Police) ने राज्य सरकार से इसके लिए अनुमति मांगी है।

 

 

जगन्नाथपुर थाने (Jagannathpur Police Station)में दर्ज केस में पीसी एक्ट लगने के बाद अदालत अगर आदेश देगा तब ही पीसी एक्ट का मामला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में जाएगा। पूर्व में भी मुख्यमंत्री ने एडीजी अनुराग गुप्ता (Chief Minister ADG Anurag Gupta)पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था, लेकिन कानूनन अड़चन के चलते अब तक एसीबी इस मामले में आगे नहीं बढ़ सका। अब बताया जा रहा है कि जगन्नाथपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी में पीसी एक्ट जुड़ने के बाद सभी अड़चने दूर हो जाएंगी।

 

 

जगन्नाथपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी में एडीजी अनुराग गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के सलाहकार अजय कुमार को आरोपित बनाया गया था। जांच के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का भी नाम सामने आया था। पीसी एक्ट किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं लगेगा, बल्कि उक्त केस में जुड़ेगा। अब पीसी एक्ट लगने के बाद जांच में अगर कोई दोषी मिलेगा तब ही उसके खिलाफ पीसी एक्ट में कार्रवाई होगी। अब तक उक्त केस में किसी के उपर आरोप फाइनल नहीं हो सका है।

 

 

15 माह से निलंबित चल रहे हैं एडीजी अनुराग गुप्ता

 

 

एडीजी अनुराग गुप्ता लगभग 15 माह से निलंबित चल रहे हैं। गत वर्ष 14 फरवरी 2020 को हेमंत सरकार ने एडीजी अनुराग गुप्ता को निलंबित कर दिया था। तब वे सीआइडी के एडीजी थे। उनके खिलाफ राज्यसभा चुनाव 2016 में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने के लिए बड़कागांव की तत्कालीन विधायक निर्मला देवी को लालच दने और उनके पति पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को धमकाने का आरोप है।

 

निर्वाचन आयोग के निर्देश पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी

 

 

विशेष शाखा के तत्कालीन एडीजी अनुराग गुप्ता पर वर्ष 2016 के राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में कांग्रेस की विधायक निर्मला देवी को पैसे का लालच देने का आरोप लगा था। भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड विकास मोर्चा की शिकायत पर इसकी जांच कराई थी। आयोग ने प्रथम दृष्ट्या आरोप को सही पाते हुए उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।

 

इसके बाद एडीजी अनुराग गुप्ता व तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के सलाहकार अजय कुमार के विरुद्ध जगन्नाथपुर थाने में 29 मार्च 2018 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी। जनवरी 2018 में राज्य सरकार ने आयोग से इस मामले में पुनर्विचार करने को कहा था। आयोग ने सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था और पूर्व के निर्देश के अनुपालन की हिदायत दी थी। इसके बाद ही सभी संबंधित आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हुई थी। भारत निर्वाचन आयोग ने यह भी निर्देश दिया था कि इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराएं भी लगाई जाय।

 

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तत्कालीन विधायक ने अपने बयान में किया था सनसनीखेज खुलासा

 

राज्यसभा चुनाव 2016 में हार्स ट्रेडिंग के मामले में तत्कालीन बड़कागांव की विधायक निर्मला देवी ने जगन्नाथपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी की जांच के दौरान अपना बयान भी दर्ज कराया था। उन्होंने अपने बयान में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास, तत्कालीन एडीजी विशेष शाखा अनुराग गुप्ता, तत्कालीन मुख्यमंत्री के सलाहकार अजय कुमार पर राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने के एवज में पांच करोड़ रुपये की पेशकश करने का आरोप लगाया था। यह भी आरोप लगाया था कि आरोपितों ने उनपर भाजपा में शामिल होने का भी दबाव बनाया था।

 

 


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