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150 किमी की स्पीड में चलती ट्रेन को छोड़कर बाहर निकल गया ड्राइवर, करीब 160 यात्री की अटकी सांसे, मचा बवाल

Mahendra Kumar SahuMay 24, 20211min


 

टोक्यो: जापान में ट्रेनों के समय की पाबंदी और उनकी कुशलता की पूरी दुनिया कायल है। प्रतिदिन लाखों की संख्या में नौकरीपेशा लोगों को समय पर पहुंचाने और वापस लाने की जिम्मेदारी इन्हीं ट्रेनों की होती है। जापान के लोग इसके लिए रेल ऑपरेटरों के जुनूनी समर्पण की खूब तारीफ भी करते हैं। लेकिन, इस समय की पाबंदी की कीमत जापानी ट्रेन ड्राइवरों को चुकानी पड़ती है। कुछ ही दिन पहले 16 मई की घटना ने जापान की शिंकानसेन

 

बाथरूम के लिए ड्राइवर ने छोड़ी केबिन


 

दरअसल, इस दिन शिंकानसेन बुलेट ट्रेन का ड्राइवर 150 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से दौड़ रही ट्रेन को छोड़ बाथरूम के लिए निकल गया। इस दौरान कम से कम तीन मिनट तक इस बुलेट ट्रेन की कॉकपिट खाली रही। इस घटना के समय ट्रेन में करीब 160 यात्री सवार थे। जापानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 36 वर्षीय ड्राइवर 633 नंबर की ट्रेन के कॉकपिट से करीब तीन मिनट तक बाहर ही रहा।

 

 

पीक टाइम में ड्राइवर के इस हरकत से मचा बवाल


 

बाथरूम जाते हुए ड्राइवर ने ट्रेन के कंडक्टर को केबिन के देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी थी। हालांकि, इस कंडक्टर को ट्रेन चलाने का कोई लाइसेंस नहीं दिया गया था। यह घटना जापानी समयानुसार सुबह 8.15 बजे की बताई जा रही है। हर दिन इस समय जापान में बड़ी संख्या में लोग अपने-अपने ऑफिसेज को जाने के लिए ट्रेन की यात्रा करते हैं। उस समय यह ट्रेन शिज़ुओका प्रान्त में अटामी स्टेशन और मिशिमा स्टेशन के बीच थी।

ड्राइवर ने माफी मांग बताई अपनी परेशानी


 

जापान में ट्रेन के कंडक्टर लोगों को ट्रेनों में चढ़ाने और उतारने और अन्य कार्यों को संभालते हैं। उन्हें ट्रेन को चलाने संबंधी प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है। ऐसे में इस घटना के समय ड्राइवर और कंडक्टर दोनों ने सैकड़ों लोगों की जिंदगियों को दांव पर लगाया। बाद में ड्राइवर ने इसके लिए माफी मांगते हुए कहा कि वह लंबे समय से बाथरूम को रोककर बैठा हुआ था जिससे उसके पेट में दर्द होना शुरू हो गया था। ड्राइवर ने कहा कि उसने नजदीकी स्टेशन पर ट्रेन इसलिए नहीं रोकी क्योंकि वह देरी नहीं करना चाहता था।

 

 

ट्रेन का संचालन करने वाली कंपनी की सफाई


 

इस घटना के बाद बवाल बढ़ने पर जापानी बुलेट ट्रेन का संचालन करने वाली कंपनी जेआर सेंट्रल ने आधिकारिक पत्र जारी कर यात्रियों से माफी भी मांगी। इस घटना की सूचना जापान के भूमि, बुनियादी ढांचा, परिवहन और पर्यटन मंत्रालय को दी गई है। कंपनी ने कहा कि वह अपने कर्मचारियों के बीच अनुशासन को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी ड्राइवर और कंडक्टर को इसका पालन सुनिश्चित करने के लिए कहेगी।


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