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बलरामपुर: लॉकडाउन एवं कोरोना संकट में मनरेगा बना ग्रामीणों के आजीविका का आधार, जिले में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए 40 हजार से भी अधिक श्रमिक प्रतिदिन प्राप्त कर रहे हैं रोजगार..

Mahendra Kumar SahuMay 3, 20211min


 

उज्जवल तिवारी बलरामपुर : कोरोना काल में जहां अधिकांश रोजगार के साधन सीमित हो गए हैं, वहीं मनरेगा के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार ग्रामीण मजदूरों के लिए वरदान साबित हो रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना अन्तर्गत जिले में चल रहे निर्माण कार्यों में 39 हजार 8 सौ 65 श्रमिक निरंतर नियोजित है। जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना का मुख्य उदे्ष्य पंजीकृत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही स्थायी परिसम्पत्तियों का निर्माण, हितग्राही मूलक एवं सामुदायिक कार्यो का निर्माण किया जाना है, जो कि ग्राम विकास में सहायक सिद्ध हो रहा है। जिला प्रशासन के सतत् प्रयास, निरीक्षण एवं निर्देषों के फलस्वरूप महात्मा गांधी नरेगा अन्तर्गत अब तक कुल 5 लाख 83 हजार 8 सौ 49 मानव दिवस अर्जित किया गया है। 01 अप्रैल से मनरेगा मजदूरी दर 193.00 रूपये प्रति दिवस के मान से उनके बैंक खाते के माध्यम से भुगतान भी समयबद्ध रूप से किया जा रहा है।

कलेक्टर श्याम धावड़े एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती तूलिका प्रजापति के निर्देशन में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। इस आपदा काल में कोई भी ग्रामीण परिवार रोजगार से वंचित ना रहे इसलिए समस्त विकासखंडों में मनरेगा अंतर्गत प्रतिदिन 40 हजार से भी अधिक अकुशल श्रमिक रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।

 

जिससे ग्रामीणों को केवल रोजगार ही नहीं प्राप्त हो रहा है बल्कि जल संवर्धन एवं संरक्षण से संबंधित स्थाई परिसंपत्तियों जैसे डबरी, तालाब, भूमि सुधार, मेढ़बंदी, नरवा क्षेत्र के विकास का कार्य हो रहा है। इस संबंध में जिले के कलेक्टर एवं मनरेगा के जिला कार्यक्रम समन्वयक श्याम धावड़े ने बताया कि जिले में प्रतिदिन 40 हजार से भी अधिक श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर ही मनरेगा से रोजगार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए जिला स्तर से पर्याप्त श्रममूलक कार्यों की स्वीकृति पूर्व में ही जारी कर दी गई है तथा आवश्यकतानुसार तत्काल नये श्रममूलक कार्य स्वीकृत भी किए जा रहे हैं।

 

उन्होंने बताया कि मनरेगा के सही क्रियान्वयन हेतु जिला एवं जनपद स्तरीय टीम द्वारा निरंतर कार्यस्थलों का निरीक्षण कर गुणवत्ता परीक्षण किया जा रहा है ताकि मानकों के अनुरूप परिसंपत्तियों का निर्माण हो सके। कलेक्टर धावड़े ने जिले के समस्त पंजीकृत श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि मनरेगा के तहत समस्त ग्राम पंचायतों में पर्याप्त श्रम मूलक कार्य स्वीकृत है, इसलिए अधिक से अधिक श्रमिक कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मनरेगा के कार्यों में नियोजित होकर रोजगार प्राप्त करें। मनरेगा के कार्य संचालित होने से श्रमिक परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुदृढता आई है तथा उन्हें रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है। साथ ही कलेक्टर ने समस्त श्रमिकों से मास्क का उपयोग करने, हाथों को बार-बार धोने व सामाजिक दूरी का पालन करने एवं पात्र व्यक्तियों को यथाशीघ्र अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर टीका लगाने की अपील की है।


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