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चीफ जस्टिस बोबडे की अगुवाई में बुलाई गई बैठक, टाइमिंग पर उठ रहा सवाल

Mahendra Kumar SahuApril 8, 20211min


 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस शरद अरविंद बोबडे (Chief Justice Sharad Arvind Bobde) की अगुवाई में बुलाई गई बैठक में अब खटास बढ़नी शुरू हो गई है। तर्क है कि राष्ट्रपति द्वारा नए सीजेआई के नाम का ऐलान कर दिया गया है। ऐसे में कार्यवाहक सीजेआई के नामों के चर्चा के लिए बैठक बुलाना गलत होगा। चीफ जस्टिस के बाद वरिष्ठतम जजों ने ही इस कोलेजियम बैठक पर आपत्ति जताई है। मीटिंग तो होगी लेकिन सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए किसी हाईकोर्ट (High Court) के चीफ जस्टिस के नाम की कोई सिफारिश होगी इस पर आशंका है।

 

 

अब सूत्रों के हवाले से तो यही कहा जा रहा है कि इस कोलेजियम में दो सदस्य जज जस्टिस बोबडे (Chief Justice Sharad Arvind Bobde) के बैठक बुलाने और उससे भी ज्यादा बैठक के एजेंडे के खिलाफ हैं। पेच त्रिपुरा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अकील कुरैशी को सुप्रीम कोर्ट लाने पर फंसा हुआ है, क्योंकि वह देशभर के हाईकोर्ट (High Court) में जजों की वरिष्ठता क्रम में ऊपर हैं।

 

एक बड़ा खेमा अकील कुरैशी और त्रिपुरा हाईकोर्ट (High Court) के मुख्य न्यायाधीश के नामों की सिफारिश करते दिख रहा है। जबकि सुप्रीम कोर्ट में कम से कम 6 जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया अभी होनी बाकी है।

 

 

वहीं, पूर्व सीजेआई आरएम लोढ़ा ने कहा है कि, ‘ऐसा कोई नियम नहीं है कि निवर्तमान सीजेआई अपने कार्यकाल के अंत में सिफारिशें नहीं कर सकता, यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह अपने सहयोगियों को कैसे विश्वास में लेता है।’

 

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