ताज़ा ख़बर
CORONA BREAKING : प्रदेश में कोरोना ने तोड़े सभी रिकार्ड, आज मिले 14 हजार से ज्यादा नए मरीज, 97 लोगों ने तोड़ा दमइस कंपनी ने अपने ग्राहकों को दिया बड़ा तोहफा, 398 रुपये वाले प्लान में किया बदलाव, अब इतने दिनों तक उठा सकते है लाभछत्तीसगढ़ में कोरोना से निपटने अब तक 850 करोड़ आवंटित, सीएम बघेल ने कहा- नहीं होने देंगे संसाधनों की कमीप्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मरीज, छत्तीसगढ़ पहुंची केंद्र की 11 सदस्यीय टीम, अलग अलग जिलों का करेगी दौराBIG BREAKING : धमतरी के बाद अब इस जिले में लॉकडाउन का ऐलान, किराना और सब्जी की दुकानें भी रहेगी बंद, कलेक्टर ने जारी किया आदेशBIG BREAKING : धमतरी के बाद अब इस जिले में लॉकडाउन का ऐलान, किराना और सब्जी की दुकानें भी रहेगी बंद, कलेक्टर ने जारी किया आदेशBIG BREAKING : इस जिले में लगा सबसे लंबा लॉकडाउन, इतने दिनों तक बंद रहेंगे दुकानें, कलेक्टर ने जारी किया आदेशग्रामीण इलाकों में फिर शुरू होगा क्वारंटाइन सेंटर, राज्य सरकार ने सभी कलेक्टरों को जारी किया निर्देशसड़क पर उतरे महापौर ढेबर, कोरोना की दूसरी लहर से लड़ रहे लड़ाईकोरोना पर राजनीतिक बवाल! रमन ने उठाया रोड सेफ्टी पर सवाल, तो कांग्रेस ने बोला जमकर हमला

अंधविश्वास: मौत के बाद हो चुका था पोस्टमॉर्टम, फिर भी शव को जिंदा करते रहे लोग, फिर…

Mahendra Kumar SahuApril 7, 20211min


 

ओडिशा: हमारा देश भले ही कितना विकासशील हो गया हो,लेकिन जब बात आती अंधविशवास की तो हम अभी भी पिछड़े हुए है। ऐसा ही एक मामला ओडिशा से आया है। जहां अंधविश्वास के चलते लोगों ने एक मरे हुए शख्स को मंत्र-तंत्र से जिंदा करने का कोशिश किया। हैरान कर देने वाली बात है कि मृतक का पोस्टमॉर्टम होने के बाद उसे जिंदा करने की कोशिश किया गया।

 

 

मिली जानकारी के अनुसार, ये घटना नयागढ़ जिले के सारांकुल पुलिस स्टेशन के बारासाही गांव का है। मृतक की पहचान राबी नाहक के तौर पर हुई।

 

बता दें कि स्थानीय त्यौहार डंडा नाचा में एक 45 साल के नाहक ने हिस्सा लिया था। परंपरा के मुताबिक नाहक पिछले 36 घंटे तक कुछ नहीं खाया था। वहीं दो दिन पहले नाहक के बीमार पड़ने के बाद उसे जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी सांस थम गई। अस्पताल प्रोटोकॉल के मुताबिक रविवार को पोस्टमॉर्टम हुआ, जिसके बाद शव को करीबी लोगों के पास सौंप दिया। जिसके बाद शव को गांव में लाया गया।

 

लेकिन वहां मृतक का अंतिम संस्कार करने की जगह गांव वालों ने एक झाड़-फूंक करने वाले को बुला लिया। उसने मंत्रों के साथ मृतक की आत्मा को बुलाना शुरू किया। गांव वालों और नाहक के घरवालों ने भी इस भरोसे में प्रार्थना करनी शुरू कर दी कि देवी काली और भगवान शिव, मृतक को माफ करेंगे और वो दोबारा जी उठेगा। आखिरकार सोमवार शाम को गांव वालों ने नाहक का अंतिम संस्कार किया।

इस संबंध में नयागढ़ के सीडीएमओ डॉ. शक्ति प्रसाद मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया, पोस्टमॉर्टम से सामने आया कि नाहक की मौत डिहाईड्रेशन की वजह से हुई जो हीट-स्ट्रोक से हुई थी।

 

XCheck Digital Badge

 

 

 


About us

हम निर्भीक हैं, निष्पक्ष हैं व सच की लड़ाई लड़ने के लिए आपके साथ हैं…


CONTACT US

CALL US ANYTIME



Latest posts


Categories