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EXCLUSIVE : श्री नारायणा अस्पताल लोगों की जिंदगी से कर रहा खिलवाड़, नाले में फेंक रहा जहरीला पानी, हैंड ग्लब्स और मास्क पड़े खुले में

Priyansha LAZARUSApril 6, 20212min

 

 


रायपुर,रोहित बर्मन: राजधानी रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित श्री नारायणा अस्पताल का काला सच सामने आया है। आम लोगों की जिंदगी बचाने की बात करने वाले अस्पताल प्रबंधक अब लोगों की जिंदगी में जहर घोलने का काम कर रहा है। दरअसल अस्पताल से निकलने वाला गंदा पानी नाले में बहाया जा रहा है।

 

 

इतना ही नहीं अस्पताल से निकलने वाला यूज्ड हैंड ग्लब्स और मास्क को भी खुले में फेंका जा रहा है। इतने बड़े पैमाने पर यूज्ड ग्लब्स, मास्क और मेडिकल कीट को फेंकना कहीं न कहीं लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है। अस्पतालों द्वारा लगतार यह कहा जाता है कि उनके संस्थानों द्वारा वेस्टेज मटेरियल को डिस्पोज करने का पर्याप्त इंतेजाम है। लेकिन यहां मामला उलट ही है।

 

 

आपको बता दें कि श्री नारायणा हास्पिटल जो राजधानी रायपुर का चर्चित हास्पिटल है। साथ ही शहर के बीचों-बीच स्थित है। यहां इस तरह की लापरवाही अपने आप में बड़ा सवाल है। साथ ही प्रशासन में बैठे जिम्मेदारों की कार्यशैली पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन द्वारा यूज्ड मास्क और ग्लब्स खुले में फेंकना सीधा-सीधा लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ के सिवाय कुछ नहीं है।

 

 

यहां तक प्रबंधन द्वारा उपयोग किया गया पानी जिसमें अस्पताल का कैमिकल भी शामिल होता है। सीधे खेतों व नालों में फेंका जा रहा है। अस्पताल के पीछे के इलाके में जहां अस्पताल द्वारा अपना यूज्ड मटेरियल फेंका जा रहा है। वहां पछी भी मरे पड़े हैं। जो मामले की गंभीरता को खुद ही बयां कर रहा है।

 

वीडियो में देखें पूरी सच्चाई :

 

अस्पताल के पीछे के इलाके में जहां गंदा पानी व यूज्ड सामग्री फेंकी जा रही है। वहां किसानों के द्वारा खेती किसानी का कार्य किया जा रहा है। किसान यहां पर सब्जी-भाजी उगा कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। जो उनके साथ-साथ अन्य लोगों के लिए खतरा साबित हो सकता है।

 

 

टीसीपी24 की टीम जब मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता को जाना तब खुद वहां खेती कर रहे किसानों ने अपना दुखड़ा हमारी टीम के साथ साझा किया है। जिसमें उन्होंने बताया कि अस्पताल का गंदा पानी व यूज्ड सामग्री कैसे उन लोगों के जीवन में जहर घोल रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल का गंदा पानी खेतों में घूस जाता है। जिसके चलते बच्चों से लेकर बड़े सबकी तबियत खराब हो जाती है। प्रशासन भी पर आंख मुंदे रहती है। किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं करती है।

 

 

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प्रबंधन ने सीरे से कियाा खारिज

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल से निकलने वाला पानी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से होकर गुजरता है। वहीं प्रबंधन ने वेस्टेज मटेरियल को बाहर फेंके जाने से भी साफ इनकार किया है।

 

 

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