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बैंक सखी बनकर सुनीता और गीता गांव-गांव तक पहुंचा रही बैंकिंग की सुविधाएं, ग्रामीणों को हो रही सहूलियत

Som dewanganFebruary 22, 20211min


 

कोरिया एस के मिनोचा/ जनपद पंचायत खडगवां क्षेत्रांतर्गत संचालित राष्ट्रीय आजीविका मिशन ’’बिहान’’ योजनांर्गत ग्राम पंचायत छुरी में सती स्व-सहायता समूह समूह का संचालन किया जा रहा है, जिसकी सदस्य ’’बीसी सखी ’’ श्रीमती सुनीता पन्ना आज गाॅवो में बैक वाली दीदी बन चुकी है। दो वर्ष वर्ष पहले एक सामान्य किसान परिवार की बहू बनकर जीवन गुजारने वाली गृहणी श्रीमती सुनीता पन्ना अब जनपद पंचायत खगडवां के ग्राम पंचायत छुरी सहित आस-पास के गाॅवो में श्रमिको को मनरेगा के मजदुरी भुगतान से लेकर वृद्वा पेंशन देने का काम जिम्मेदारी से निभा रही है। साथ ही उनका काम अब उनके स्थायी आजीविका का माध्यम बन गया है।

बिहान के तहत् दूरस्थ क्षेत्रो में सक्रिय महिलाओं को स्व-सहायता समूहों में जोड़कर उन्हे प्रशिक्षित करने के बाद उस क्षेत्र के संबंधित बैंक से सेवा प्रदाता के रूप में नियुक्त किया जाता है। बीसी सखी के रूप में बीते दो वर्षो से तीन चार गांवो में बैकिंग का कार्य वाली श्रीमती सुनिता पन्ना ने वित्तीय वर्ष 2018-19 से बीसी सखी के रूप में कार्य करना शुरू किया, जिससे अब उन्हें 5 से 6 हजार रूपये तक की आमदनी हो रही है। सुनीता का यहां तक पहुंचने का सफर आसान नही था लेकिन कुछ करने की ललक ने उन्हे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत् समूह में जोड़ लिया। उन्होने बिहान के माध्यम से आरसेटी में अपना आवासीय प्रशिक्षण प्राप्त किया। जिसके बाद राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के माध्यम से उन्हे बैंकिग करस्पाडेंट बनने के लिये आईडी प्राप्त हुई और इस तरह उन्होने बीसी सखी का काम प्रांरभ किया।

ऐसी ही आजीविका की कहानी जनपद पंचायत खडगवां के ग्राम पंचायत बंजारीडांड़ की श्रीमती गीता सिंह की भी है। यहां मंा शक्ति स्व-सहायता समूह का संचालन किया जा रहा है। जिसकी सदस्य गीता सिंह कहती है कि दूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाना और फिर ग्रामीणो में विश्वास जगाना, इन चुनौतियों के बीच बीसी सखी के रूप में काम करना कठिन था पर बिहान की टीम की मदद से और उनके समूह के साथ ग्राम संगठन और कलस्टर संगठन की टीम के सदस्यो ने गांवो में उनके प्रचार प्रसार का काम किया और बैंकिग की सुविधा के बारे में आम जन को जागरूक किया। अब वे कुशलतापूर्वक जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर रही है और अपने परिवार की आर्थिक सहायता कर पाने में भी सक्षम हुई है।


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