ताज़ा ख़बर
फायदा ही फायदा : आप भी बन सकते है करोड़पति, सिर्फ 50 रुपये यहां रोजाना करना होगा जमा, जानें नियम व शर्ते…Voter ID Card Download : आज से Aadhaar, PAN की तरह वोटर कार्ड की पीडीएफ कॉपी भी कर सकते हैं डाउनलोड, जानें क्या है तरीकाएनसीबी को मिली बड़ी कामयाबी, अंडरवर्ल्ड से जुड़ा सबसे बड़ा ड्रग पैडलर हुआ गिरफ्तारमोतियों से बने ब्लाउज में नोरा का कातिलाना अंदाज, सोशल मीडिया का बढ़ाया तापमान, देखे तसवीरें.EXCLUSIVE: SBP पब्लिक स्कूल का एक और कारनामा, मासूम बच्चों के जान से कर रहा खिलवाड़, कोराना में आज से खोला स्कूल, सरकार के मंसूबों पर फेरा पानीBIG BREAKING : मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावनाओं को लेकर सीएम भूपेश का बड़ा बयान, RSS को लेकर कही ये बातBIG BREAKING : सिक्किम बॉर्डर पर झड़प में 20 चीनी सैनिक जख्मी, भारतीय सैनिकों ने नाकुला से खदेड़ाबड़ी खबर : ‘सिर्फ छूना यौन हमला नहीं, त्वचा से त्वचा का संपर्क होना जरूरी, पढ़िए हाई कोर्ट का बड़ा फैसलाCG BREAKING : कपड़ा सुखा रहे पिता को करंट से चिपका देख बचाने पहुंचा पुत्र भी आया चपेट में, पिता की मौतRAIPUR BREAKING: कांग्रेसी विधायक के नाम पर ठगी, ट्रांसफर एजेंसी के मालिक को कॉल कर मुंबई में ट्यूशन फ़ीस के नाम से मांगी मदद

किसान आंदोलन : बैठक की अटकलों पर लगा विराम, सोमवार को एक बार फिर होगी सरकार और किसानों के बीच बातचीत

Sameer VermaJanuary 14, 20211min


 

नई दिल्ली : कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बार्डर पर किसानों का प्रदर्शन पिछले 50 दिनों से जारी है। प्रदर्शनकारी किसानों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत खत्म हो चुकी है। लेकिन अभी तक इस कानून को लेकर कोई महत्वपूर्ण फैसला सामने नहीं आ पाया है। इसी बीच अब एक बार फिर किसानों और सरकार के मध्य बातचीत हो सकती है। इस बैठक को लेकर लगाए जा रहे अटकलों पर अब विराम लग गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कल यानि शुक्रवार को दोनों के बीच बातचीत हो सकती है।

READ MORE :  सोने चांदी के कीमतों में आई जबरदस्त गिरावट, पढ़ें एक क्लिक में आज का ताजा रेट

दरअसल, किसान आंदोलन खत्म करने के लिए 8 जनवरी को सरकार और किसानों के बीच हुई आठवें दौर की बैठक में ये तय हुआ था कि अगली दौर की बातचीत 15 जनवरी को होगी। इसके बाद 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने किसान आंदोलन और कृषि कानूनों को लेकर फैसला सुनाया। इस फैसले में कोर्ट ने तीन नए कृषि कानूनों के पहल पर रोक लगा दी। साथ ही गतिरोध को खत्म करने के लिए चार सदस्यों की एक कमेटी गठित की।

READ MORE : CRIME: पत्नी को बेरहमी से मौत के घाट उतारने की कोशिश, इस वजह से तलवार से पत्नी की काटी नाक

बता दें कि आज ही कमेटी के एक सदस्य भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपिन्दर सिंह मान ने कमेटी से खुद को अलग कर लिया। मान ने कहा कि समिति में उन्हें सदस्य नियुक्त करने के लिए वह शीर्ष अदालत के आभारी हैं लेकिन किसानों के हितों से समझौता नहीं करने के लिए वह उन्हें पेश किसी भी पद का त्याग कर देंगे। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘खुद किसान होने और यूनिनन का नेता होने के नाते किसान संगठनों और आम लोगों की भावनाओं और आशंकाओं के कारण मैं किसी भी पद को छोड़ने के लिए तैयार हूं ताकि पंजाब और देश के किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं हो।’’


About us

हम निर्भीक हैं, निष्पक्ष हैं व सच की लड़ाई लड़ने के लिए आपके साथ हैं…


CONTACT US

CALL US ANYTIME



Latest posts


Categories