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CRIME: 450 करोड़ की ठगी कर फरार हुआ बिल्डर, बैंकों से भी लिया अरबों का कर्ज

Sanjay sahuJanuary 12, 20211min

 

 

 

लखनऊ। एक ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। एक ठेकेदार ने 450 करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया है। इस बात की खुलासा तब हुआ जब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने जांच की। दरअसल ये पूरा मामला रोहतास बिल्डर का है।

 

बता दें कि रोहतास के आवंटियों ने सबसे पहले रेरा का दरवाजा खटखटाया। रेरा चेयरमैन राजीव कुमार ने खुद सुनवाई की। बिल्डर के खिलाफ पांच आदेश किये। उस पर 3 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगाया।

 

 

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परियोजनाएं पूरी करने के लिए उसे समय भी दिया। बिल्डर ने रेरा का आदेश भी हवा में उड़ा दिया। उधर एफआईआर के बावजूद पुलिस ने बिल्डर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इससे परेशान होकर बिल्डर की ठगी का शिकार लोग नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल पहुंचे।

 

कई टुकड़ों में 45 एकड़ जमीन थी

 

बिल्डर के पास सुल्तानपुर रोड पर कई टुकड़ों में 45 एकड़ जमीन थी लेकिन उसने कागजों में 173 एकड़ जमीन दिखाकर लोगों को प्लाट बेच दिए। रायबरेली रोड पर उसके पास 50 एकड़ जमीन भी नहीं थी लेकिन 111 एकड़ में टाउनशिप का विज्ञापन देकर पैसा बटोरा। एनसीएलटी को पता चला है कि उसने पहले चरण में 1670 लोगों को प्लॉट आवंटित किया।

 

इनसे चार अरब 5 करोड़ रुपए वसूले। हालांकि इसमें से एनसीएलटी ने वेरीफिकेशन के बाद 2 अरब 31 करोड़ रुपए बिल्डर के वसूलने की पुष्टि कर दी है। बाकी रकम खरीदारों ने बिल्डर को कैश में दी थी। 280 लोग और चिन्हित हुए हैं। इन लोगों ने रोहतास को करीब 50 करोड़ रुपए दिए।

बैंकों के भी 1.05 अरब रुपए लेकर भागा

 

रोहतास बिल्डर ने बैंकों को भी चूना लगाया है। एनसीएलटी की रिपोर्ट से पता चला है कि उसने बैंकों से एक अरब 5 करोड़ रुपए लोन लिया था। जिसे चुकाया नहीं। बैंक भी बिल्डर के खिलाफ एनसीएलटी पहुंचे हैं।

 


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