ताज़ा ख़बर
15 साल की नाबालिग को बनाया हवस का शिकार, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तारBREAKING : पुलिस विभाग में फेरबदल, 3 अधिकारियों को किया गया इधर से उधर, देखें सूचीBIG BREAKING : केंद्रीय मंत्री के काफिले की गाड़ियां आपस में टकराई, गनमैन समेत दो लोगों को आई चोटेंRAIPUR ACCIDENT : राजधानी में डस्टर व बाइक में जबरदस्त भिड़ंत, 2 युवक बुरी तरह जख्मीSamsung के वाइस प्रेसिडेंट को ढाई साल की जेल, पूर्व राष्ट्रपति को रिश्वत देने का आरोपBREAKING : 4 इनामी समेत 8 नक्सलियों ने किया सरेंडर, दंतेवाड़ा पुलिस को मिली बड़ी सफलताCG BREAKING : TI पर गिरी निलंबन की गाज, DGP डीएम अवस्थी ने की कार्रवाई, जानिए क्यों?किसान आंदोलन : छत्तीसगढ़ से अन्नदाताओं के लिए 60 टन अनाज और 68 हजार रूपए दिल्ली रवाना, CM भूपेश ने दिखाई हरी झंडीखुलासा : पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया सच, वैक्सीन लगाने के बाद इस वजह से गई स्वास्थ्यकर्मी की जानBREAKING : ट्रेन के दो डिब्बे पटरी से उतरे, चारबाग स्टेशन के पास हुआ हादसा

मृतक परिवार को नही मिला इंसाफ, अब राजभवन पर टिकी है न्याय की उम्मीद

Som dewanganJanuary 8, 20211min


 

रीतेश तिवारी /पंकज ताम्रकार। दुर्ग जिले के बहुचर्चित शंकराचार्य कोविड केयर अस्पताल में 6 सितंबर 2020 को कोरोना से पीड़ित वकील हितेंद्र ताम्रकार की कुछ ही घंटों बाद संदिग्ध मौत हो गई थी । अस्पताल प्रबंधक कोरोना पॉजिटिव मृतक का शव खून से लथपथ सौपा था स्टेचर से लेकर शव वाहन तक मृतक के शरीर से खून बह रहा था जब कि मौत हुये घंटो बीत चुके थे । खून से लथपथ शव को देख कर परिजनों ने सीएमचओ डॉ गंभीर सिंह ठाकुर समेत अस्पताल प्रबंधक को जानकारी से अवगत कराया लेकिन मौके पर कोई नही पहुचा काफी देर इंतजार के बाद परिजन खून से लथपथ शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए चले गए ।

 

परिजनों ने इस तरह शव से बह रहे खून को लेकर शव के साथ छेड़छाड़ करने और मौत को लेकर अस्पताल प्रबंधक समेत सीएमचओ के खिलाफ कलेक्टर को लिखित शिकायत की थी लेकिन नतीजा सिफर रहा। थक हार कर पीड़ित परिजन ने सीएम भूपेश बघेल गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से भी शिकायत की लेकिन नतीजा तारीखों में लिपटा रहा।

 

सभी जगहों से न्याय न मिलने के बाद परिजन राज्यपाल कार्यालय से शिकायत की और जल्द न्याय दिलाने का अनुरोध किया 10 नवंबर 2020 को राज्यपाल कार्यालय से लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ के सचिव को जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई लेकिन राजभवन के आदेश के बाद भी दो महीने बीत गये लेकिन इंसाफ आज भी तारीखों में भटक रहा है क्या जांच हुई क्या पड़ताल हुई कब पीड़ित परिजनों को न्याय मिलेगा इसका जवाब किसी के पास नही है। जांच कर रहे जिम्मेदार कागजो में तारीखो की इमारत तय कर रहे है पता नही ये इमारत कब बनेगी और कब पीड़ित को इंसाफ मिलेगा या फिर सिर्फ एक तारीख के भरोसे तमाम उम्र परिजन न्याय की आस में बैठे रहेंगे ।


About us

हम निर्भीक हैं, निष्पक्ष हैं व सच की लड़ाई लड़ने के लिए आपके साथ हैं…


CONTACT US

CALL US ANYTIME



Latest posts


Categories