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सड़क हादसा : एक साल में छीन ली 4546 लोगों की जिंदगी, ये हैं राजधानी के डेंजर जोन

Sanjay sahuJanuary 7, 20211min

 

रायपुर/रोहित बर्मन : राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में सड़क हादसा चिंता का विषय है. सड़क हादसों के पीछे कई तरह के कारण देखने को मिले हैं. जिसमें वाहन चालकों की लापरवाही, नियमों का पालन न करना जैसी तमाम चीजें हैं. जिस वजह से लोग समय से पहले ही मौत के मुंह में समा जाते हैं.

 

यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस कई तरह के अभियान चला रही है. लेकिन इसके बाद भी लोगों में जागरूकता की कमी देखने को मिल रही है. इन सब के बीच अकेले रायपुर की बात की जाए तो, पिछले तीन साल में 2020 में सड़क दुर्घटनाओं में कुछ कमी आई है.

 

 

रायपुर जिले में 17 ब्लैक स्पॉट हैं. जहां ज्यादातर सड़क हादसे होते रहते हैं. इन जगहों पर वाहनों का दबाव और वाहन चालकों के लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाने के कारण भी सड़क हादसे हुए हैं. जिसमें मंदिर हसौद चौक, जोरा चौक, सरोना चौक, टाटीबंध चौक, रायपुरा चौक, धनेली नाला, माना बस्ती, खरोरा, राजू ढाबा… जैसे 17 ब्लैक स्पॉट रायपुर जिले में चिन्हित किए गए थे, जिसमें इंजीनियरिंग सुधार और ओवरब्रिज बनाए जाने के बाद रायपुर जिले में अब ब्लैक स्पॉट की संख्या 9 हो गई है .

 

रायपुर में सड़क हादसों को लेकर जब TCP24 के संवाददाता रोहित बर्मन ने स्थानीय लोगों से बात की तो उनका कहना था कि सड़क हादसों के पीछे वाहन चालकों की लापरवाही एक वड़ी वजह है. स्थानीय लोग भी मानते हैं कि वाहन चालक यातायात नियमों को दरकिनार करते हुए अपनी मनमानी करते हैं. लोगों का कहना है कि सड़क हादसों में 18 से 30 साल के युवाओं की मौत ज्यादा होती है. ऐसे में वाहन चालकों को सतर्क और सावधान होकर वाहन चलाने की जरूरत है.

राजधानी रायपुर सहित पूरे जिले में हुए सड़क हादसों के बारे में जब हमने यातायात विभाग के डीएसपी से बात की तो उनका कहना था कि साल 2018 के मुकाबले साल 2020 में सड़क हादसों में कमी आई है. क्योंकि 2020 में कोरोना और लॉकडाउन की वजह से सड़कों पर दुपहिया और चार पहिया वाहनों की आवाजाही भी नहीं के बराबर रही.

प्रदेशभर के ये है आंकड़े

-साल 2020

-11431 सड़क हादसे
-जिसमें 4546 लोगों की मौत
-10478 घायल

 

3 साल के सड़क हादसों पर नजर

-राजधानी रायपुर में साल 2018

-2 हजार 75 सड़क दुर्घटना हुई है.
-जिसमें 427 लोगों की मौत हुई
-और 1 हजार 374 लोग घायल हुए हैं.

 

साल 2019

 

-2 हजार 146 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं.
-जिसमें 458 लोगों की मौत हुई.
-1 हजार 581 लोग घायल हुए हैं.

 

साल 2020

 

जनवरी से नवंबर तक

-1 हजार 598 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं.
-जिसमें 437 लोगों की मौत हुई.
-1 हजार 186 लोग इस सड़क हादसे में घायल हुए हैं.

 

विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक सड़क दुर्घटना के मामले में रायपुर जिला सबसे खतरनाक है. इसके अलावा बिलासपुर, राजनादगांव, रायगढ़ और दुर्ग जिले से भी चिंताजनक आंकड़े आए हैं.

 

विधानसभा में पेश आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से नवंबर 2020 में

 

बिलासपुर जिला

819 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं.
जिसमें 264 लोगों की जान गई.

राजनांदगांव जिला

699 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं.
जिसमें 253 लोगों की मौत हुई.

रायगढ़

449 सड़क दुर्घटनाएं हुई.
जिसमें 232 लोगों की मौत हुई.

 

महासमुंद जिला

सड़क हादसों में 198 लोगों की मौत की रिपोर्ट आई है.


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