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कृषि सुधारअधिनियम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, आईफा ने कहा- किसानों की लड़ाई अब सड़क से कोर्ट पहुंची

Mahendra Kumar SahuNovember 21, 20201min

रायपुर : कृषि क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार द्वारा बीते 5 जून को तीन अध्यादेश लाने के बाद से इस अध्यादेश का विरोध होने लगा था, लेकिन जब कृषि सुधार अधिनियम के रूप में सरकार ने इस अध्यादेश को विधेयक के रूप में पारित करा लिया. इसके बाद से देशभर में इसका किसान औऱ किसान संगठनों द्वारा व्यापक स्तर पर विरोध किया जा रहा है. अब किसानों की यह लड़ाई सड़क से कोर्ट तक पहुंच गई है. मनोहर लाल शर्मा ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की और आईफा ने उनके इस पहल का समर्थन किया है.

इस बारे में अखिल भारतीय किसान महासंघ (आइफा) के राष्ट्रीय संयोजक डॉ राजाराम त्रिपाठी ने कहा कि हमलोग आरंभ से ही इन कानूनों का विरोध कर रहे थे, यह किसान हितैषी कम और कारपोरेट हितैषी ज्यादा है. इसमें किसानों के नाम पर कारपोरेट्स को फायदा पहुंचाने का प्रावधान है. चुंकि आईफा किसानों का एक महासंघ है, अतः संगठन के स्तर पर देशभर में इसका विरोध किया गया.

डॉ त्रिपाठी ने कहा कि किसानों औऱ खेती के मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष हो या विपक्ष हमेशा केवल राजनीति ही करती आयी है औऱ इनके लिए किसान सिर्फ राजनीति का मोहरा भर रह गया है. राजनैतिक दलों के द्वारा दिखावे के लिए इस विधेयक के विरोध में याचिका दायर की गई, जिसमें जानबुझ कर या कहे कि याचिका के साथ जो तर्क व दस्तावेज दिया जाना चाहिए ताकि केस में वजन हो, उसे नजर अंदाज किया गया. इसकी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने इनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया.

डॉ त्रिपाठी ने कहा कि अब किसानों को राजनीतिक दलों से कोई उम्मीद नहीं है, लेकिन कोर्ट द्वारा मनोहर लाल शर्मा के याचिका को स्वीकरने के बाद देश के सर्वोच्च न्यायालय से काफी उम्मीदें हैं. देशभर के किसान और किसान संगठनों की उम्मीदें ,इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा किये जाने वाली सुनवाई पर टिकी है.

बता दें कि बीते 12 अक्टूबर को, सुप्रीम कोर्ट ने तीन अलग-अलग याचिकाओं पर विचार किया, जिनमें से एक शर्मा द्वारा दायर की गई थी, और अन्य दो किसान कांग्रेस के पदाधिकारियों और द्रमुक सांसद तिरुचि शिवा द्वारा दायर की गई थीं. याचिकाओं में मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम, 2020 और किसानों के अधिकार व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020 को चुनौती दी गई है.


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