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सरगुजा और सूरजपुर जिले में सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम कल से, मीडिया सहभागिता के लिए कार्यशाला का हुआ आयोजन

Mahendra Kumar SahuNovember 21, 20201min


 

सरगुजा : फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 23 नवम्बर से सरगुजा और सूरजपुर जिले में सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मीडिया के महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय सरगुजा के सभा कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज, विश्व स्वास्थ्य संगठन, प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल की सहभागिता रही। इस कार्यक्रम में सरगुजा जिला के पत्रकारों के साथ-साथ सूरजपुर जिले के पत्रकारों भी प्रमुख रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सरगुजा जिला के मलेरिया अधिकारी और सिविल सर्जन डॉ. अनिल प्रसाद ने कहा कि मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम में सामजिक और सामुदायिक सहभागिता बहुत आवश्यक है | फाइलेरिया रोग के सम्पूर्ण उन्मूलन हेतु प्रतिबद्धता के साथ, जन-प्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों और समुदाय को फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को जन-आन्दोलन का रूप देना अत्यंत आवश्यक है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के राज्य एनटीडी समन्वयक डॉ. जमील सरोश ने बताया कि फाइलेरिया या हाथीपांव रोग, सार्वजनिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या है। यह रोग मच्छर के काटने से फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार फाइलेरिया, दुनिया भर में दीर्घकालिक विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। आमतौर पर बचपन में होने वाला यह संक्रमण लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है और अगर इसका इलाज न किया जाए तो इससे शारीरिक अंगों में असामान्य सूजन होती है।

फाइलेरिया के कारण चिरकालिक रोग जैसे; हाइड्रोसील, लिम्फोएडेमा व काइलुरिया से ग्रसित लोगों को अक्सर सामाजिक बोझ सहना पड़ता है, जिससे उनकी आजीविका व काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है। यह एक घातक रोग है, हालांकि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा दी गयी दवाएं खाने से, इस रोग से आसानी से बचा जा सकता है। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में एल्बेंडाजोल भी खिलाई जाती है जो बच्चों में होने वाली कृमि रोग का उपचार करता है जो सीधे तौर पर बच्चों के शारीरिक और बौद्धिक विकास में सहायक होता है।

राज्य कार्यक्रम अधिकारी, वेक्टर बोर्न डिजीजेज डॉ. जितेन्द्र कुमार ने बताया कि भारत को वर्ष 2021 तक फाइलेरिया से उन्मूलन की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए, कोविड-19 महामारी के दौरान भी महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों को जारी रखने के महत्व को स्वीकार करते हुए, छत्तीसगढ़ शासन ने राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के दो जिलों सरगुजा (विकास खण्ड- अंबिकापुर, लखनपुर, उदयपुर, धौरपुर, सीतापुर, बतोली और मेनपट) एवं सूरजपुर (विकास खण्ड-सूरजपुर, रामानुजनगर और प्रेमनगर) में, शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, कोविड-19 के मानकों को ध्यान में रखते हुए, मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम.डी.ए.) कार्यक्रम आगामी 23 नवम्बर से 26 नवम्बर, 2020 के मध्य एवं 27 नवम्बर से 30 नवम्बर, 2020 तक मॉप-अप राउंड चलाने का निर्णय लिया है।

प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल के कलाम खान ने बताया कि मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम में सोशल मोबिलाइजेशन के माध्यम से समुदाय के हर स्तर पर जागरूकता फैलाने में बहुत सहायता मिलती है। इसके लिए पंचायत स्तर की कार्यप्रणाली को और अधिक मज़बूत करना चाहिए ।

ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज के प्रतिनिधि अनुज घोष ने कहा कि स्वास्थ्य से जुड़े हर कार्यक्रम में मीडिया की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने, उपस्थित मीडिया सहयोगियों से अनुरोध किया कि फाइलेरिया जैसे गंभीर रोग से समुदाय को सुरक्षित रखने के लिए, मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम.डी.ए.) कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग दें।

अंत में, डॉ. अनिल प्रसाद, जिला मलेरिया अधिकारी और सिविल सर्जन, सरगुजा ने बताया कि इस कार्यक्रम में, कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के अनुसार शारीरिक दूरी (दो गज की दूरी), मास्क और हाथों की साफ-सफाई का अनुपालन करते हुए फाइलेरिया से मुक्ति के लिए 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी लोगों को उम्र के अनुसार, निर्धारित खुराक प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर, अपने सामने मुफ्त खिलाई जाएगी।


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