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निर्मला सीतारमण बोलीं, केंद्र सरकार नहीं उठा सकती है राज्यों के लिए कर्ज, GST मुआवजे पर नहीं बनी आम सहमति

Hitesh dewanganOctober 12, 20201min

निर्मला सीतारमण बोलीं, केंद्र सरकार नहीं उठा सकती है राज्यों के लिए कर्ज, GST मुआवजे पर नहीं बनी आम सहमति

 

 


 

नई दिल्ली : गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) मुआवजे के विवाद को हल करने सोमवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई. बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि राज्यों के जीएसटी राजस्व में कमी की भरपाई के लिए केंद्र सरकार बाजार से कर्ज नहीं उठा सकती है क्योंकि इससे बाजार में कर्ज की लागत बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि राज्यों के जीएसटी राजस्व में आने वाली कमी की भरपाई के तौर तरीकों को लेकर आम सहमति नहीं बन पाई।

 

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि बैठक में राज्यों ने कुछ स्पष्टीकरण मांगे थे, जिनका जवाब दे दिया गया। ज्यादातर स्पष्टीकरण अटॉर्नी जनरल की उधारी पर राय, जीएसटी परिषद के पांच साल से अधिक के उपकर संग्रह को बढ़ाने के अधिकार को लेकर थे।

 

 

 

 

उन्होंने कहा, ”मुआवजे का भुगतान करने के लिए उपकर का संग्रह पर्याप्त नहीं है। यह सभी के लिए बिल्कुल स्पष्ट है और क्योंकि यह ऐसी चीज है जिसकी कभी कल्पना नहीं की गई थी, कमी अब उधार लेकर पूरी की जाएगी। जिन पर मतभेद थे, उन मामले पर कोई सहमति नहीं बन सकी। जीएसटी परिषद निश्चित रूप से उपकर, उपकर के संग्रह, उपकर को एकत्रित करने की अवधि को बढ़ा सकता है।”

 

वित्त मंत्री ने कहा कि राज्यों का उधार लेने का मतलब अराजक स्थिति होना नहीं है। हम राज्यों को सुविधा प्रदान करेंगे, ताकि राज्यों को उच्च ब्याज दरों का भुगतान नहीं करना पड़े, जबकि अन्य को उचित दर पर कर्ज मिल सके।

बता दें कि चालू वित्त वर्ष में जीएसटी क्षतिपूर्ति राजस्व में 2.35 लाख करोड़ रुपये की कमी रहने का अनुमान है। केंद्र सरकार ने अगस्त में राज्यों को दो विकल्प दिया था। पहले विकल्प के तहत रिजर्व बैंक के द्वारा 97 हजार करोड़ रुपये के कर्ज के लिए विशेष सुविधा दिए जाने , तथा दूसरे विकल्प के तहत पूरे 2.35 लाख करोड़ रुपये बाजार से जुटाने का प्रस्ताव है। केंद्र सरकार का कहना है कि जीएसटी क्षतिपूर्ति राजस्व में अनुमानित कमी में महज 97 हजार करोड़ रुपये के लिए जीएसटी क्रियान्वयन जिम्मेदार है, जबकि शेष कमी का कारण कोरोना वायरस महामारी है।

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