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पाखंजुर : नॉन टेक्निकल स्वास्थ्य संयोजकों ने टेक्नीशियन की गैरमौजूदगी में कराया जा रहा कोरोना का सैंपल जांच

Hitesh dewanganOctober 11, 20201min
Hitesh dewanganOctober 11, 20201min

पाखंजुर : नॉन टेक्निकल स्वास्थ्य संयोजकों ने टेक्नीशियन की गैरमौजूदगी में कराया जा रहा कोरोना का सैंपल जांच

 

 


 

पाखंजुर, बिप्लब् कुण्डू : नॉन टेक्निकल कहे जाने वाले स्वास्थ्य संयोजकों पर दबाव बनाकर कराया जा रहा है कोरोना का सैंपलिंग एवं जांच कार्य एवं टेस्ट में लगने वाली सामग्री भी स्वास्थ्य संयोजकों को ही विकासखंड कार्यालयों से ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है विदित हो कि दूरस्थ अंचलों में बसे ग्रामो तक प्रतिदिन सामग्री ले जाकर सेंपल एवं जांच। कार्य करना एक व्यक्ति के लिए अत्यंत कठिन है चूंकि ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों को शासन नान टेक्निकल मानती है ऐसे में उनसे खुले वातावरण में कोरोनावायरस सैंपल लेने जांच जैसे टेक्निकल कार्य टेक्नीशियन की गैरमौजूदगी में सेफ्टी के लिए जरूरी सामग्रियों की भी अपर्याप्त उपलब्धता में ग्रामीण अंचलों में खुले वातावरण में कराया जाना खतरे को आमंत्रण देने जैसा है अधिकारियों द्वारा नियमों को ताख पर रखकर आनन फानन में प्रशिक्षण देकर सैम्पलिंग व जांच कार्य के लिए कोरोना के संभावित मरीजों का सघन सर्वे अभियान में लगे हुए स्वास्थ्य संयोजकों को ही सैंपल लेकर जांच करने को विवश किया जा रहा है।

 

विदित हो कि पिछले दिनों उक्त प्रक्रिया में कुछ स्वास्थ्य संयोजक भी कोरोना के पॉजिटिव मरीजों का सैंपल लेते हुए संक्रमित हो चुके हैं इससे कोरोना का खतरा जन सामान्य को भी और अधिक खतरे में डाल सकता है कोरोना काल में शासन लोगों को सुरक्षित रखने के लिए लाखों रूपये खर्च कर रही है लेकिन इस तरह की लापरवाहियाँ खतरनाक साबित हो सकती हैं अधिकारियों द्वारा कराया जा रहा नियम विरूद्ध कार्यजिले में प्रतिदिन कोविड 19 संक्रमित की संख्या में वृद्धि होती जा रही है साथ ही जांचक्षमता बढ़ाने के लिए सभी विकास खंडों में ज्यादा से ज्यादा सैंपल लिया जा रहा है इस हेतु फार्मासिस्ट नेत्र सहायक स्टाफ नर्स ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक इन सभी को लैब टेक्नीशियन के नेतृत्व में नियमानुसार टीम बनाकर सेंपलिंग एवं जांच कार्य किया जाना था।

 

 

परंतु ब्लॉक कोयलीबेड़ा के के अधिकारियों द्वारा सैंपलिंग एवं जांच की समस्त जिम्मेदारी समस्त ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक ऊपर सौंप दी गई है इसमें गंभीर बीमारी से ग्रसित 50 वर्ष से अधिक उम्र के गर्भवती एवं शिशु वती कर्मचारियों को भी कोरोना सैंपलिंग व जांच में लगाया गया है यह नियम विरुद्ध है, इन सभी समस्याओं को लेकर ब्लॉक के ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारियों ने खंड चिकित्सा अधिकारी कोयलीबेड़ा को ज्ञापन सौंपा है ब्लॉक कोयलीबेड़ा के ब्लॉक अध्यक्ष बी.एल.कुलदीप ने बताया ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों को हेल्थ वैलनेससेन्टर्स में कार्य उपरांत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि ,मलेरिया मास स्क्रीनिंग मच्छरदानी वितरण उपचार संबंधी प्रोत्साहन राशि, हेल्थ वैलनेस सेंटर के लिए मेंन्टिनेन्स राशि( रखरखाव हेतु )तथा अंटाइड फंड से उप स्वास्थ्य केंद्र को तथा कर्मचारियों को वंचित रखा गया है इसके लिए कई बार अधिकारियों को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत भी कराया गया है लेकिन अधिकारी इनकी समस्याओं एवं मांगों को दरकिनार करते हुए निराकरण न कर मौन हैं जिसके कारण ब्लॉक के सभी स्वास्थ्य संयोजक निराश एवं हतोत्साहित हैं ..


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