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कब सुधरेगा चीन, भारत की उत्तरी सीमा पर की 60 हजार सैनिकों की तैनाती

Mahendra Kumar SahuOctober 10, 20201min

कब सुधरेगा चीन, भारत की उत्तरी सीमा पर की 60 हजार सैनिकों की तैनाती

When will the deployment of 60 thousand soldiers on the northern border of China, India

 

 

वाशिंगटन। भारत और चीन के बीच रिश्ते सुधरने के हालात फिलहात तो नहीं दिख रहे हैं। अमेरिकी विदोश मंत्री माइक पोम्पिओ का कहना है कि चीन ने भारत की उत्तरी सीमा पर 60 हजार सैनिकों को तैनात किया है। उन्होंने टोक्यो से लौटने के बाद एक चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान यह बात कही।

 

 

पोम्पिओ ने मंगलवार को टोक्यो में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी और उन्होंने इंडो-पैसिफिक और दुनिया भर में अग्रिम, शांति, समृद्धि और सुरक्षा के लिए एक साथ काम करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने जयशंकर के साथ अपनी मुलाकात को अच्छा बताया।

 

भारत और चीन के बीच मई के शुरूआती दिनों से ही पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध चल रहा है। इससे दोनों देशों के संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। दोनों पक्षों ने तनाव कम करने के लिए कई कूटनीतिक और सैन्य वार्ता भी की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली है। आपको बता दें कि इस बीच चीन ने अगस्त के अंतिम सप्ताह में पैंगोंग झील के दक्षिणी तट में भारतीय क्षेत्र पर कब्जे का असफल प्रयास किया।

 

अपने एक साक्षात्कार में अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ‘हम अमेरिकी लोगों को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के खतरे से बचाने का लक्ष्य रखते हैं। क्वाड मंत्रिस्तरीय बैठक का हवाला देते हुए कहा कि तीन अन्य देश जापान, भारत और आॅस्ट्रेलिया एक गठबंधन बना रहे हैं। ये देश भी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से खतरे को उसी तरह समझते हैं जैसा हम समझते हैं।

 

अमेरिका, जापान, भारत और आॅस्ट्रेलिया पर आधारित ‘क्वाड देशों के विदेश मंत्री मंगलवार को टोक्यो में मिले थे। कोरोना वायरस महामारी शुरू होने के बाद से व्यक्तिगत उपस्थिति वाली यह उनकी पहली वार्ता थी। यह बैठक हिंद-प्रशांत क्षेत्र, दक्षिण चीन सागर और पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के आक्रामक सैन्य बर्ताव की पृष्ठभूमि में हुई। इस बैठक से लौटने के बाद पोम्पियो ने शुक्रवार को गाइ बेनसन शो पर कहा, ”भारतीय देख रहे हैं कि उनकी उत्तरी सीमा पर 60,000 चीनी सैनिक तैनात हैं।

 

उन्होंने कहा, ”मैं भारत, आॅस्ट्रेलिया और जापान के अपने समकक्षों के साथ था, चार बड़े लोकतंत्रों, चार शक्तिशाली अर्थव्यवस्थाओं, चार राष्ट्रों के इस प्रारूप को क्वाड कहते हैं। इन सभी चारों देशों को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से पेश खतरों से जुड़े वास्तविक जोखिम हैं।

 

पोम्पियो ने कहा, ”वे जानते हैं कि उनके (क्वाड देशों के) लोग इस बात को समझते हैं कि हम इसे लंबे समय से नजरअंदाज करते आए हैं। पश्चिम ने दशकों तक चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को अपने ऊपर हावी होने दिया। पूर्ववर्ती प्रशासन ने घुटने टेक दिए और चीन को हमारी बैद्धिक संपदा को चुराने तथा उसके साथ जुड़ी लाखों नौकरियों को कब्जा करने का मौका दिया। वे अपने देश में भी ऐसा होता देख रहे हैं।

 

पोम्पियो ने कहा, ”उन सभी ने यह देखा है, चाहे वे भारतीय हों जिनका भारत के उत्तरपूर्वी हिस्से में हिमालय में चीन से सीधे आमना सामना हो रहा है। उत्तर में चीन ने भारत के खिलाफ बड़ी संख्या में बलों को तैनात करना शुरू कर दिया है।

भारत-चीन के बीच कोर कमांडर वार्ता के 7वें दौर की बैठक

 

 

शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने 12 अक्टूबर को चीनी सेना पीएलए के साथ होने वाली कोर कमांडर स्तर की वार्ता के सातवें दौर की रणनीति पर शुक्रवार को बातचीत की और पूर्वी लद्दाख में सुरक्षा हालात का जायजा लिया। पूर्वी लद्दाख में टकराव के बिंदुओं से सैनिकों की वापसी के लिए रूपरेखा तैयार करने के विशेष एजेंडा के साथ कोर कमांडरों की वार्ता हो रही है।

सूत्रों ने कहा कि शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने पूर्वी लद्दाख में हालात की समीक्षा की और सोमवार को होने वाली वार्ता में उठाये जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे और कई शीर्ष सैन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। सूत्रों के अनुसार दोनों पक्ष वार्ता में जमीनी स्तर पर स्थिरता बनाये रखने तथा क्षेत्र में नए सिरे से तनाव पैदा कर सकने वाली कार्रवाई से बचने के लिए और कदम उठाने पर विचार कर सकते हैं।

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